Rajasthan Cabinet Reshuffle News: राजस्थान की कांग्रेस सरकार में कई महीनों तक चली उथल-पुथल के बाद आज कैबिनेट का पुनर्गठन हो रहा है. शनिवार को कैबिनेट के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नए मंत्रिमंडल में 11 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्रियों के आज शपथ लेने की बात कही जा रही है.
पायलट की जगह शकुंतला रावत को मिलेगी जगह
- नए मंत्रिमंडल में सचिन पायलट (Sachin Pilot) की जगह शकुंतला रावत को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है. राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तीनों राज्यों में कैबिनेट मंत्री रह चुके तैयब हुसैन की बेटी जाहिदा खान को भी मुस्लिम कोटे के तहत कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा.
- विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की तरफ से रामलाल जाट को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. नई सूची में तीन नए जाट कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं और एक राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलवाई जा सकती है. नई लिस्ट में हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह रामलाल जाट समुदाय से कैबिनेट तो बृजेन्द्र ओला राज्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं.
- बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र गुढा को राज्यमंत्री बनाया जाएगा. बताया जा रहा है कि सचिन पायलट के विरोध की वजह से अशोक गहलोत के साथ खड़े 10 निर्दलीय विधायकों में से किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है. माना जा रहा है कि इन्हें संसदीय सचिव बनाया जाएगा.
कैसा होगा गहलोत का नया मंत्रिमंडल?
- राजस्थान की नई कैबिनेट में 12 नए चेहरे होंगे. इनमें से 5 सचिन पायलट खेमे के विधायक होंगे. पायलट खेमे से विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा और हेमाराम चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा. जबकि, ब्रिजेंद्र ओला और मुरारी मीणा को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई जाएगी.
- राजस्थान कैबिनेट में पहली बार चार एससी मंत्रियों को जगह दी जा रही है. ममता भूपेश भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली और गोविंद मेघवाल दलित कोटे से कैबिनेट मंत्री बन रहे हैं.
- नई कैबिनेट में 3 मंत्री आदिवासी समुदाय से होंगे. इसके अलावा तीन महिलाओं को भी जगह दी गई है.
15 संसदीय सचिव, 7 सलाहकार होंगे!
बताया जा रहा है कि जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में पद नहीं मिल रहा है, उन्हें भी कहीं एडजस्ट किया जाएगा. 22 विधायकों को दूसरा पद दिया जाएगा. इनमें से 7 को मुख्यमंत्री का सलाहकार और 15 को संसदीय सचिव बनाया जाएगा. सलाहकारों में वरिष्ठों का ख्याल रखा जाएगा. जबकि, 15 संसदीय सचिवों में बीएसपी से आने वाले और निर्दलीय विधायकों को एडजस्ट किया जाएगा. इसके अलावा कई और विधायकों को बोर्ड निगम और दूसरे कॉर्पोरेशन में जगह दी जाएगी.