राजस्थान देश का पहला राज्य होगा जहां पर राइट टू हेल्थ लागू किया जा रहा है. राजस्थान सरकार ने इसके लिए एक मसौदा तैयार किया है, जिसके ऊपर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ चर्चा की जा रही है. इसके अनुसार राजस्थान में रहने वाले हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पाने का अधिकार होगा.
राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि देश में राजस्थान पहला ऐसा राज्य होगा जहां पर राज्य के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पाने का अधिकार होगा. इसमें किस तरह से लोगों को राहत दी जाएगी, स्वास्थ्य का अधिकार नहीं देने पर किस तरह से स्वास्थ्य अधिकारियों को दंडित किया जाएगा इन सब चीजों को लेकर हम केंद्र सरकार से एक व्यापक चर्चा कर रहे हैं.
कानून में बदलाव की जरूरत
उन्होंने कहा, 'राइट टू हेल्थ' लागू करने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत होगी जिसके लिए केंद्र सरकार से इजाजत लेना जरूरी है. इसके लिए हमने आयुष्मान भारत योजना में बदलाव करते हुए इसमें शामिल लोगों की संख्या दुगना से ज्यादा कर दिया है. केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के तहत राज्य के मात्र 65 लाख लोग इसमें कवर किए हुए थे, जबकि हमने महात्मा गांधी आयुष्मान भारत योजना के नाम से एक करोड़ 10 लाख से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य बीमा दिया है.'
योजना में सभी बीपीएल परिवारउन्होंने कहा, 'हमने केंद्र सरकार से भी कहा है कि स्वास्थ्य बीमा योजना में बदलाव कर सभी बीपीएल परिवारों को इसके अंदर लाया जाए. इसके बाद राज्य के हर नागरिक को मुफ्त में हमने दवा और मुफ्त में जांच योजना शुरू कर दी है. इसे एक साथ कानून के रूप में लागू करना भर रह गया है जिसके लिए हम ऐसी तैयारी कर रहे हैं कि लागू करने के बाद कोई सवाल न उठे या फिर कोई दिक्कत नहीं आए.'
मनरेगा और राइट टू इन्फॉर्मेशन लागू करने वाला राजस्थान पहला राज्य
गौरतलब है कि मनरेगा और राइट टू इन्फॉर्मेशन लागू करने वाला राजस्थान पहला राज्य था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान इसे लागू किया था, जिसके बाद यूपीए की सरकार ने इसे पूरे देश में लागू किया. अब 'राइट टू हेल्थ' लागू करने वाला भी राजस्थान पहला राज्य होगा. राजस्थान सरकार ने इसके लिए पूरा प्लान बनाया है.
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, 'राज्य में फैलने वाली कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान से आते हैं, जैसे कि कांगो बीमारी है जो पड़ोसी देश में जानवरों में हुआ था जिन से सीमावर्ती जिलों में फैला और उस पर काबू पाने के लिए भी हमने व्यापक निर्देश दिए हैं.'