राजस्थान में सियासी हलचल थमने के बाद राज्य के राज्यपाल कलराज मिश्र ने आज सीएम अशोक गहलोत के आरोपों का जवाब दिया. अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र पर आरोप लगाते रहे हैं कि राज्यपाल केंद्र के दबाव में काम कर रहे हैं. इसके जवाब में कलराज मिश्र ने कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ संवैधानिक प्रावधानों के तहत काम कर रहे थे.
बुधवार को एक ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा, "मैंने शुद्ध तौर पर संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत काम किया और यह मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी बता दिया था."
बता दें कि जुलाई महीने में गहलोत सरकार के विधानसभा सत्र बुलाने के प्रस्ताव को राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा बार-बार ठुकराने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया गया था कि राज्यपाल केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं.
राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाददाताओं से बातचीत की और कहा कि राजस्थान राज्य से, यहां के लोगों से, यहां की गतिविधियों से मैं पहले से ही परिचित हूं. अब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर मुझे यहां कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. संवैधानिक मर्यादाओं में रह कर मैं राज्य हित में और लोगों के लिए कार्य कर रहा हूं.
राम जन्मभूमि पूजन समारोह में नहीं जाने पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि वहां सीमित संख्या में लोग बुलाए गए थे इसलिए वे नहीं जा पाए, लेकिन राम मंदिर के निर्माण से ज्यादा उन्हें किसी चीज में खुशी नहीं मिल सकती है. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों के बाद वे निश्चित रूप से अयोध्या जाएंगे और रामलला के दर्शन करेंगे.
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि राजस्थान में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाहियां हुई, इसलिए राज्य में संक्रमण तेजी से फैला. उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी का पालन करने में, मास्क पहनने में और स्वच्छता में लापरवाही बरती गई इसलिए राज्य में कोरोना फैला.