राजस्थान के अलवर का पहलू खान मॉब लिंचिंग मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. राजस्थान हाई कोर्ट ने मॉब लिंचिंग और हत्या के मामले में बरी किए गए सभी 6 लोगों को 10-10 हजार रुपए के जमानती वॉरेंट से तलब किया है. अलवर की एडीजे कोर्ट ने 14 अगस्त 2019 को आरोपियों को बरी कर दिया था.
राज्य सरकार और पहलू खान के बेटे इरशाद ने आरोपियों को बरी करने के अलवर की कोर्ट के आदेश को अपील के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अपील करीब डेढ़ साल पहले दायर की गई थी, लेकिन कोरोना के कारण सुनवाई नहीं हो पाई. अब हाई कोर्ट में न्यायाधीश विजय विश्नोई व न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की खण्डपीठ ने सोमवार को दोनों अपीलों पर सुनवाई की.
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर पी सिंह व अधिवक्ता अलका भटनागर तथा इरशाद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन ए नकवी ने कहा कि अधीनस्थ अदालत ने गवाहों के बयान रिकॉर्ड पर नहीं लिए और आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया. यह आदेश दोषपूर्ण है. इसलिए हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई की जाए.
चार अप्रैल, 2017 को पहलू खान की हुई थी मौत
हरियाणा के नूहं मेवात जिला स्थित जयसिंहपुरा गांव निवासी पहलू खान एक अप्रेल, 2017 को बेटे उमर व ताहिर के साथ जयपुर के पशु हटवाड़ा से दुधारू पशु खरीदकर अपने घर जा रहा था. अलवर में बहरोड़ पुलिया के पास भीड़ ने गाड़ी को रुकवा कर पहलू और उनके बेटों से मारपीट की. सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहलू खान को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान 4 अप्रैल 2017 को मौत हो गई थी.
इस मामले में जुवेनाइल कोर्ट ने 2 नाबालिकों को दोषी मानते हुए 3-3 साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया था. जबकि एक नाबालिग का मामला पॉक्सो कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है.