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राजस्थानः 21 साल की आसमा खान जीतीं जयपुर नगर निगम चुनाव

निगम चुनाव जीतकर आसमा जब घाटगेट पहुंची तो लोगों ने विजय जुलूस निकाला. हाथी पर सवार होकर बैठकर लोग गलियों में निकले. आसमा का बड़ी संख्या में लोगों ने आसमा का स्वागत किया.

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आसमा खान सबसे कम उम्र की पार्षद
आसमा खान सबसे कम उम्र की पार्षद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीट महिला आरक्षित होने पर पिता ने लड़ाया चुनाव
  • राजनीति के साथ जारी रखेंगे पढ़ाईः आसमा खान
  • 21 साल 3 महीने के सोहेल मंसूरी भी बने पार्षद

राजस्थान के नगर निगम चुनाव में हैरिटेज नगर निगम से 21 साल की आसमा खान सबसे कम उम्र की पार्षद निर्वाचित हुई हैं. आसमा खान जयपुर के घाट गेट के वार्ड नंबर 81 से पार्षद चुनी गई हैं. आसमा का जन्म जयपुर के घाट गेट इलाके में अक्टूबर 1999 को हुआ था. आसमा खान कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ी थीं.

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निगम चुनाव जीतकर आसमा जब घाटगेट पहुंची तो लोगों ने विजय जुलूस निकाला. हाथी पर सवार होकर लोग गलियों में निकले. बड़ी संख्या में लोगों ने आसमा का स्वागत किया. दरअसल, यह वार्ड महिलाओं के लिए हो गया था जिसकी वजह से इनके पिता सलीम खान इस वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पा रहे थे. वे दूसरे वार्ड से पार्षद का टिकट मांग रहे थे, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो उन्होंने ग्रेजुएशन कर रही अपनी बेटी आसमा खान को चुनाव मैदान में उतार दिया.

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आसमा खान का मन चुनाव लड़ने का नहीं था लेकिन पिता के कहने पर वह चुनाव मैदान में उतरीं और अब कह रही हैं कि वह इलाके के लोगों की समस्याओं को सुनेंगी और उसे दूर करेंगी. आसमा खान कहती हैं कि मुसलमान तबके में लड़कियों की तालीम के लिए वह काम करेंगी. खुद की पढ़ाई भी राजनीति के साथ-साथ जारी रखेंगी.

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सोहेल अंसारी भी निर्वाचित हुए पार्षद
सोहेल अंसारी निर्वाचित हुए पार्षद

इसी तरह से जयपुर हेरिटेज नगर निगम के वार्ड संख्या 76 से 21 साल 3 महीने के मोहम्मद सोहेल मंसूरी भी पार्षद का चुनाव जीते हैं जो दूसरे सबसे कम उम्र के पार्षद हैं. वे ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं. इनके पिता नेता हैं लेकिन दो से अधिक संतान होने के कारण टिकट कट गया. जब पार्षद पिता का टिकट कट गया तो उन्होंने किसी और की बजाय 21 साल के अपने बेटे को ही टिकट दिलवा दिया.

पार्षद पिता ने प्रचार में भी पूरी ताकत झोंकी और जनता ने भी उनके बेटे को अपना प्रतिनिधि चुन लिया. अब दूसरे सबसे युवा पार्षद कह रहे हैं कि हमारे वार्ड को डबल पार्षद मिला है. मैं और मेरे पिताजी दोनों मिलकर काम करेंगे.

 

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