राजस्थान के करौली (Rajasthan Karauli) नगरी को ब्रज क्षेत्र में मानते हुए छोटी काशी के नाम से जाना जाता है. यहां होलाष्टक से लेकर होलिका दहन तक सभी मंदिरों में फाग उत्सव (Phag Festival) मनाया जाता है. फूलों की होली खेली जाती है. भगवान राधा कृष्ण की सजीव झांकियां सजाई जाती हैं. मन को प्रफुल्लित करने वाली फूलों की होली खेलते हुए भक्त भगवान मदन मोहन कान्हा के दर्शन करते हैं. आज राजधानी जयपुर से आए फाग कलाकारों ने राधा कृष्ण की झांकी सजाकर जमकर फूलों की होली खेली. फाग गीतों पर सभी भक्तजनों ने जमकर नृत्य किया.
धार्मिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध करौली के आराध्य देव भगवान श्री राधा मदन मोहन का आंगन फूलों की होली से महक उठा. राधा कृष्ण के फाग गीतों से नगरी गुंजायमान रही. भगवान राधा कृष्ण की सजीव झांकी के साथ फूलों की होली खेली गई. राधा कृष्ण के भजन गाए. फूलों की होली ने यहां वृंदावन की छटा बिखेर दी. यहां प्रतिदिन होलाष्टक से लेकर होलिका दहन तक मंगला आरती होती है. वहीं देर शाम सेन आरती तक होली गायन होता है.
जयपुर से आए संत ने भगवान को लगाया छप्पन भोग
रविवार को जयपुर से आए संत योगीराज राम मनोहर तिवारी ने करौली के आराध्य देव श्री राधा मदन मोहन मंदिर में छप्पन भोग (Chappan Bhog) का आयोजन किया. श्री राधा कृष्ण की अनुपम मनोरम झांकी सजाई गई.
दर्शनार्थियों के साथ जयपुर गंगापुर से आए भक्तों व स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया. करौली के प्रमुख समाजसेवी बबलू शुक्ला ने बताया कि इस महोत्सव के आयोजन में पंडित रमेश चंद शास्त्री पांचोली वाले, श्री राधे बाबा, पंडित मुरारी लाल शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शनार्थी उपस्थित रहे.