राजस्थान कांग्रेस में अब सब कुछ सामान्य होता नजर आ रहा है. सचिन पायलट का मान-सम्मान भी पहले की तरह दिख रहा है. विधानसभा सत्र के पहले चरण में सचिन पायलट बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के सीट के गलियारे में कुर्सी पर बैठाया गए थे, लेकिन सोमवार को जब विधानसभा में पहुंचे तो उन्हें आगे की सीट पर उनके पुराने दोस्त परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के साथ बैठने को जगह दी गई.
इससे पहले सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री की हैसियत से संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के साथ मुख्यमंत्री के पास वाली सीट पर बैठते थे. सोमवार को सचिन पायलट थोड़ी देर के लिए विधानसभा में आए थे. लंच के पहले ही वो वापस निकल गए. पायलट सामान्य विधायकों के गेट से आए. पहले वो उपमुख्यमंत्री की हैसियत से विधानसभा में अलग गेट आया-जाया करते थे.
इधर, महेश जोशी की भी विधानसभा में जोरों पर चर्चा रही. उपमुख्यमंत्री की हैसियत से जिस गाड़ी का इस्तेमाल सचिन पायलट किया करते थे, उस गाड़ी का आवंटन विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी को कर दिया गया है. इसके अलावा सचिन पायलट विधानसभा में जिस कमरे में बैठे थे, वो कमरा भी महेश जोशी को आवंटित कर दिया गया है. पहले माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट की जगह प्रदेश अध्यक्ष महेश जोशी को ही बनाना चाहते थे.
बता दें कि हाल में राजस्थान में बड़ा सियासी घमासान मचा था. सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ सचिन पायलट ने मोर्चा खोल दिया था. उनके बागी तेवर के चलते पार्टी ने पायलट को उपमुख्यमंत्री और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया था. इस सियासी उठापटक के बीच गहलोत सरकार पर खतरा मंडराने लगा था. हालांकि अब राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक दिख रहा है.