कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू किया था. बस, ट्रेन और विमान सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई थी, जिससे जिंदगी पूरी तरह से थम सी गई थी. अब लॉकडाउन में रियायत देकर जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है. लॉकडाउन से ठप हो गए पर्यटन को भी पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए जल्द ही नई पर्यटन नीति लाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि नई पर्यटन नीति में कोरोना की महामारी के कारण संकट में घिरे पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को राहत दी जा सकती है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 5 अगस्त को इस संबंध में एक बयान जारी किया.
यह भी पढ़ें: राजस्थान में शुरू होगी इंदिरा रसोई योजना, 8 रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राजस्थान पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है. इससे प्रदेश के लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है. पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार जल्द ही नई पर्यटन नीति लाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में करीब 20 साल बाद लाई जा रही इस पर्यटन नीति से कोविड-19 के कारण संकट का सामना कर रहे पर्यटन क्षेत्र को पटरी पर लाने में भी मदद मिलेगी.
यह भी पढ़ें: राजस्थान की न्यायिक सेवा में MBC के लिए पांच गुना बढ़ा आरक्षण
मुख्यमंत्री गहलोत ने साथ ही मेलों और उत्सव को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा है कि इनसे अधिक से अधिक देसी-विदेशी पर्यटक जुड़ सकें, इसके लिए इन्हें नया रूप दिया जाए. उन्होंने कहा है कि पुष्कर मेला, डेजर्ट फेस्टिवल, कुंभलगढ़, बूंदी उत्सव सहित अन्य मेलों और उत्सवों की नए सिरे से ब्रांडिंग की जाए. इनमें नई सोच के साथ ऐसी गतिविधियों को शामिल करें, जिनसे पर्यटक आकर्षित हों.
राजस्थान के रण में ट्विस्ट, BSP ने व्हिप जारी कर कहा- कांग्रेस के खिलाफ करें वोट
मुख्यमंत्री ने प्राचीन और पुरामहत्व के धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए कहा है कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अधिकारी इन धार्मिक स्थलों के विकास की रूपरेखा तैयार करें. मुख्यमंत्री ने भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में पानी की समस्या दूर करने के लिए स्थायी समाधान तलाशने की भी बात कही है.
गौरतलब है कि राजस्थान में पर्यटन से जुड़े व्यवसाय रोजगार सृजन के बड़े माध्यम रहे हैं, लेकिन कोरोना के कारण पर्यटन ठप पड़ा है. इसकी वजह से पर्यटन से जुड़े व्यवसायों पर निर्भर परिवारों के सामने रोजी-रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है.