राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कोरोना जागरूकता अभियान की शुरुआत की. चार घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए वे राजस्थान के सभी राजनीतिक दल के नेताओं और धर्मगुरुओं से जुड़े रहे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर जल्द ही फ़ैसला लिया जाएगा. इसके अलावा बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने के फ़ैसले भी लिए जाएंगे.
वैक्सीन पर मीटिंग, चर्चा सिर्फ सियासी
अब मीटिंग में इतना कुछ तो हुआ लेकिन इसके अलावा जो कुछ हुआ वो राजस्थान की राजनीति का वो सियासी ड्रामा रहा जो पिछले कई महीनों से जारी है. जिस मीटिंग में वैक्सीन पर बात होनी थी, वहां पर एक नेता ने सामने से आकर कह दिया कि वे सीएम गहलोत के साथ खड़े हैं और बाकी निर्दलीय विधायक भी सीएम का समर्थन करेंगे. अब एक सर्वदलीय बैठक में ऐसा बयान आना हैरान करता है. लेकिन गहलोत की इस मीटिंग में ये सब लगातार होता रहा.
गहलोत की मीटिंग में कांग्रेस की लड़ाई
निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ बोले कि हम 13 निर्दलीय विधायक हैं और सभी मुख्यमंत्री के साथ हैं.मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जो आदेश देंगे वही करेंगे. गौड़ के बयान को पायलट-गहलोत खेमे में टकराव के बीच मुख्यमंत्री का समर्थन माना जा रहा है.
गौड़ के सभी 13 निर्दलीय विधायकों के गहलोत को समर्थन की बात दोहराने के पीछे सियासी मायने हैं. 13 निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आए 6 विधायकों ने मिलकर जी - 19 बनाई है जिसकी 23 जून को जयपुर में बैठक होने वाली है.
राज्य सरकार के दो मंत्रियों के बीच चल रही तनातनी को भी इस मीटिंग ने जगजाहिर कर दिया. जब चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग को आरएलडी विधायक के तौर पर संबोधित किया तो इस पर बवाल हुआ. बिना ज्यादा बोले ही सुभाष गर्ग ने तल्ख अंदाज में खुद को आरएलडी विधायक ही घोषित कर दिया. इसके अलावा भी इस मीटिंग कई ऐसे नजारे रहे जिन्हें देख हैरानी भी हो गई और नेताओं की गंभीरता पर भी सवाल उठ गए.
सोते दिख गए मंत्री
वीसी के दौरान मंत्री राजेंद्र यादव सोते हुए नजर आ गए थे. मीटिंग में उनकी सक्रियता तो वैसे भी कम रही लेकिन उनका यूं सोना कई तरह के सवाल खड़े कर गया. मीटिंग के दौरान विपक्षी पार्टियों की तरफ से भी सुर बुलंद किए गए. बीच मीटिंग में बीजेपी सांसद जसकौर मीणा ने मौका नहीं मिलने पर नाराजगी जता दी. वो तो जब सीएम ने उन्हें बोलने का मौका दिया तब जाकर वो विवाद शांत हुआ.
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वैक्सीन पर गहलोत की दो टूक
वैसे इस हंगामे के बीच सीएम गहलोत द्वारा वैक्सीन को लेकर कुछ जरूरी बातें भी कही गईं. वैक्सीनेशन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पहली वेव से ही हमने सब लोगों को साथ जोड़ा,पहली वेव में भय का माहौल ज्यादा बना,लेकिन कैजुअल्टी कम हुई. दूसरी वेव में भय गायब हुआ, कैजुअल्टी ज्यादा हुई.सरकारी-गैर सरकारी हर व्यक्ति ने संकट काल में भागीदारी निभाई.राजनीति तो जिन्दगी भर होती रहेगी,हम लोग माइंड नहीं करते,केवल आगाह करते हैं.हम भारत सरकार को फीडबैक देते हैं तो वह आलोचना नहीं है.
वहीं चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने वैक्सीन की बर्बादी पर केंद्र को आड़े हाथों लेने का काम किया. उन्होंने जोर देकर कह दिया कि केंद्र की तरफ से झूठे आरोप लगाए गए, राजस्थान में वैक्सीन बर्बादी को लेकर गलत जानकारी दी गई. उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद पीएम मोदी ने फ्री वैक्सीनेशन का ऐलान किया.