राजस्थान कांग्रेस में छिड़ा सियासी संग्राम लगातार बढ़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गुट के आरोपों पर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के गुट ने पलटवार किया है. पायलट गुट ने कहा कि हमें गद्दार कहने वाले अपने गिरेबान में झांकें. पायलट गुट ने आरोप लगाया कि किसी और के इशारे पर हमारे खिलाफ अपशब्द बोले जा रहे हैं.
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के गुट ने यह भी आरोप लगाया कि खुफिया एजेंसियों से हमारी निगरानी कराई जा रही है. इससे पहले सचिन पायलट का गुट छोड़कर आए विधायकों को ही सीएम अशोक गहलोत ने उनके खिलाफ मैदान में उतार दिया. विधायक संदीप यादव और जोगेंदर अवाना ने पायलट गुट पर हमला बोला.
इन विधायकों ने पायलट और उनके समर्थक विधायकों को गद्दार तक कह दिया. उधर, विवाद को सुलझाने की आलाकमान की कोशिशें अब तक कामयाब नहीं हो सकी हैं.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को मध्यस्थ बनाए जाने के बावजूद गहलोत और पायलट गुट के विवाद के हल का कई फाइनल फॉर्मूला नहीं निकल सका है.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले ही कह दिया है कि दो महीने तक डॉक्टरों ने उन्हें बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार टल सकता है. ऐसी भी खबरें हैं कि कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी अजय माकन की ओर से आए जल्द मंत्रिमंडल विस्तार के बयान के बाद गहलोत ने आलाकमान से भी दो टुक कह दिया है कि ये काम वे अपनी सुविधा के मुताबिक ही करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक पायलट गुट पर हमले की रणनीति राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर जीते चिकित्सा राज्यमंत्री सुभाष गर्ग बना रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि गर्ग लगातार इन विधायकों के संपर्क में हैं.