सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना वैक्सीन के प्रति लोगों में ख़ौफ़ बैठा है. वैक्सीनेशन की टीम जैसे ही मौके पर पहुंचती है, लोग भागने लगते हैं. कुछ लोग तो मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. दौसा के कलाखो कांदोली गांव में यही हुआ, जब वैक्सीन लगाने टीम वहां पहुंची. लोग खेतों में भाग गए और जो गांव में थे वो झगड़े पर उतारू हो गए. गांव के पढ़े लिखे ठेकेदार और उनकी पत्नी भी वैक्सीन दल से झगड़ने लगे.
जब इनका नर्सों और आशा सहयोगिनी के साथ झगड़े का वीडियो वायरल हुआ तो उन्होंने बताया कि उन्हें पेट में दर्द था. उनके कुछ जानने वाले ने वैक्सीन ली तो ऐसे बीमार पड़े कि मुश्किल से बचे हैं और लाखों रूपए लग गए सो अलग.
वैक्सीनेशन का काम करने वाली आशा सहयोगी और नर्सों का कहना है कि टीकाकरण हमारे लिए बेहद मुश्किल काम है. क्योंकि लोग समझाने पर नहीं समझते हैं और भागने लगते हैं. कई बार तो ये लोग झगड़ा करने लगते हैं. मगर हम किसी भी तरह से उन्हें तैयार कर रहे हैं और समझा रहे हैं कि वैक्सीन लगाना उनके जीवन के लिए ज़रूरी है.
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राजस्थान में कोरोना का कप्पा वैरिएंट
देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भले ही कमजोर पड़ गई है, लेकिन कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट ने चिंता भी बढ़ा दी है. डेल्टा और डेल्टा प्लस के बाद अब कोरोना का कप्पा वैरिएंट सामने आया है. राजस्थान में कप्पा वैरिएंट के अब तक 11 मरीज सामने आ चुके हैं, जिससे प्रदेश में हड़कंप मच गया है.
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि राजस्थान में अब तक कप्पा वैरिएंट के 11 मरीज मिल चुके हैं. उन्होंने बताया कि 11 मरीजों में से 4-4 मरीज जयपुर और अलवर के हैं. दो मरीज बाड़मेर से और एक भीलवाड़ा से है.
डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि कप्पा वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कम जानलेवा है. उन्होंने लोगों से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करने की अपील की है. राजस्थान में 13 जुलाई तक कोरोना के 9.53 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं. मंगलवार को बीते 24 घंटे में यहां 28 मरीज मिले हैं. अब तक 9.43 लाख से ज्यादा ठीक भी हो चुके हैं. जबकि 8,945 लोगों की मौत हो चुकी है.