राजस्थान में विधानसभा चुनाव का माहौल पूरी तरह से तैयार है. एक बार फिर सत्ता पाने की सोच रहीं वसुंधरा राजे आने वाली 4 अगस्त से अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत करेंगी. वसुंधरा राजे पूरे प्रदेश में 45 दिनों तक यात्रा निकालेंगी, इस यात्रा को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे.
वसुंधरा राजे के साथ-साथ राजस्थान का हर सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र में भी यात्रा निकालेगा और बाद में वसुंधरा राजे की मुख्य चुनावी यात्रा में शामिल होगा.
वसुंधरा राजे के लिए राजसमंद जिले का चार भुजा मंदिर भाग्यशाली रहा है. उन्होंने 2013 में भी विधानसभा चुनाव से पहले भी यहीं से अपनी चुनावी यात्रा शुरू की थी और दो तिहाई के भारी बहुमत से सत्ता में वापसी की थी. तब उनकी यात्रा भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की थी. इस बार अमित शाह वसुंधरा राजे की चुनावी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर विधानसभा के चुनावी प्रचार की शुरुआत करेंगे.
इस साल नवंबर-दिसंबर में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें भाजपा शासित मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ शामिल हैं. अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इन दिनों जन समर्थन जुटाने के लिए पूरे प्रदेश में यात्रा पर हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी यात्रा पूरी कर चुके है.
राजस्थान में वसुंधरा राजे की चुनावी यात्रा में देरी की एक वजह थी कि प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर दो महीने तक सहमति नहीं बन पाई थी. नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद वसुंधरा राजे ने अपना चुनावी प्रचार 4 अगस्त करेंगी.
राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरह की रिपोर्ट आ रही हैं वो बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए चिंता का विषय हैं इसलिए पीएम मोदी और अमित शाह चुनावी गणित का गुणा भाग करने के बाद ही वसुंधरा राजे के धुर विरोधी किरोड़ी लाल मीणा को ना सिर्फ़ पार्टी में शामिल किया बल्कि उन्हें राज्यसभा में भी भेज दिया.
पिछली बार की तरह इस चुनाव में भी वसुंधरा राजे ही पार्टी का मुख्यमंत्री का चेहरा होगी लेकिन चुनाव में पार्टी की क्या रणनीति रहेगी ये दिल्ली से अमित शाह तय करेंगे.