राजस्थान कांग्रेस में बगावत का एपिसोड अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है. राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद आज पहली बार पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट जयपुर में प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर पहुंचे और राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी इस कार्यक्रम में आना था.
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तरफ से कहा गया था कि 10:30 बजे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नए प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा राजीव गांधी को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे, मगर अशोक गहलोत नहीं पहुंचे. उनकी जगह पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर पहुंचे.
पायलट के आने के साथ ही अशोक गहलोत के लिए जो पुलिस जाब्ता और पुलिस रूट लगा था उसे हटा लिया गया. दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 11 बजे इंदिरा रसोई योजना की शुरुआत करनी थी इसीलिए उन्होंने यह कार्यक्रम 10:30 बजे रखवाया था मगर 10:45 बजे सूचना आई कि अशोक गहलोत नहीं आएंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के मिलन की आस लगाए कांग्रेसियों को निराशा हाथ लगी.
इस मौके पर सचिन पायलट ने कहा कि राजीव गांधी 400 से ज्यादा सीट लेकर आए थे मगर 2 सीट वाली बीजेपी का भी पूरा सम्मान करते थे. आज बीजेपी घमंड में कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है उन्हें राजीव गांधी से राजनीति का बड़प्पन सीखना चाहिए. सचिन पायलट ने कहा कि आज जो तकनीक क्रांति के बल पर देश आगे जा रहा है वह राजीव गांधी की देन है, आगे आने वाले दिनों में देश के युवा राजीव गांधी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे.
मौके पर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजीव गांधी अपने देश में सूचना क्रांति शुरू की थी जिसकी बदौलत आज देश नई ऊंचाई पर पहुंच रहा है.