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सरिस्का टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत, एक 23 दिन से लापता

सरिस्का के काला मेडा इलाके में बाघिन का शव खेत के तारबंदी के तारों में उलझा मिला. किसान भगवान सहाय प्रजापत ने टाइगर की मौत की जानकारी दी,लेकिन वन विभाग ने उसे ही हिरासत में ले लिया.

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सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत
सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत

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राजस्थान का सरिस्का टाइगर (एसटी) रिजर्व एक बार फिर से टाइगर (बाघ) के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है. सरिस्का से लापता हुई बाघिन एसटी-5 का पिछले 23 दिनों से कोई सुराग नहीं मिल रहा है जबकि एसटी-11 की तारबंदी में फंसने से मौत हो गई.

सरिस्का के काला मेडा इलाके में बाघिन का शव खेत के तारबंदी के तारों में उलझा मिला. पुलिस का कहना है कि किसान भगवान सहाय प्रजापत ने टाइगर की मौत की जानकारी दी. उसने बताया कि उसके खेतों में लगे कांटों के बाड में फंसकर एक टाइगर की मौत हो गई.

हालांकि वन विभाग ने भगवान सहाय प्रजापत को हिरासत में ले लिया है, हालांकि उसने यह कहते हुए खुद का बचाव किया है कि उसने नील गायों को रोकने के लिए अपने खेतों में बाड़ लगा रखे थे. मंगलवार को मृत टाइगर का पोस्टमार्टम किया जाएगा.

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पिछले कुछ दिनों से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरिस्का में रहने वाले किसान टाइगर को जहर दे रहे हैं या फिर आवाज करके भगाने की कोशिश कर रहे हैं.

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अब देखने को मिल रहा है कि यहां रहने वाले टाइगर अपने एरिया को छोड़कर दूसरी टेरिटरी बना रहे हैं जबकि ऐसा बहुत कम होता है.

सरिस्का में एक समय टाइगर पूरी तरह से खत्म हो गए थे, लेकिन बाद में रणथंभौर से यहां लाकर फिर से टाइगरों को बसाया गया. अब यहां पर टाइगरों की संख्या 12 तक पहुंच गई है.

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