राजस्थान के करौली में जमीन विवाद मामले में एक पुजारी को जिंदा जला दिया गया. बाद में पुजारी को जख्मी हालत में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस वारदात को लेकर कहा है कि सभ्य समाज में इस तरह के कृत्य के लिए कोई जगह नहीं है. घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है. दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
सीएम गहलोत ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'सपोटरा, करौली में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है. प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है. घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.'
सपोटरा, करौली में बाबूलाल वैष्णव जी की हत्या अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है,सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है।प्रदेश सरकार इस दुखद समय में शोकाकुल परिजनों के साथ है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 9, 2020
घटना के प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है एवं कार्रवाई जारी है।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा, 'करौली में एक मंदिर के पुजारी को जिंदा जला देना राजस्थान की दुर्दशा का हाल बता रहा है. अशोक जी राजस्थान को बंगाल बनाना चाहते हैं या राज्य जिहादियों को सौंप दिया है या इसका भी ठीकरा अपने राजकुमार की तरह मोदी जी या योगी जी पर फोड़ोगे?'
बता दें, ये पूरा मामला जमीन पर कब्जे को लेकर है. आरोप है कि दबंगों ने जमीन पर कब्जा करने के मामले में पुजारी को जलाकर मार डाला. फिलहाल, परिवार जयपुर के एमएसएस अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया है. मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर और परिवार के बीच बातचीत चल रही है. सपोटरा एसएचओ को सस्पेंड करने का निर्णय लिया जा सकता है. साथ ही शव को सुरक्षा में करौली पहुंचाया जायेगा. मामले की जांच के लिए उच्च अधिकारी करौली जा सकते हैं
राजधानी जयपुर और करौली जिले में पुजारियों और ब्राह्मण समाज इस वारदात को लेकर काफी नाराज हैं. ब्राह्मण समाज, पुजारी संघ, बजरंग दल, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है. इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है.