उदयपुर हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया है. घटना को अंजाम देने के लिए 2 हथियारों का इस्तेमाल किया गया था. उदयपुर ATS ने मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद से पूछताछ के बाद हत्या में इस्तेमाल किए गए दोनों हथियार बरामद कर लिए हैं. बरामदगी के समय हथियार में खून लगा मिला है. उदयपुर के सापेटिया इलाके की एक शॉप से यह हथियार बरामद किया गया है.
रियाज और मोहम्मद गौस ने पूछताछ में बताया था कि वे कन्हैयालाल की हत्या करने के बाद उदयपुर के सापेटिया इलाके में गए थे. यहां शोएब नाम के एक शख्स का ऑफिस है. शोएब के ऑफिस में बैठकर दोनों ने हथियार के साथ कबूलनामे वाला वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया. इसी ऑफिस से 17 जून को बनाया गया वीडियो वायरल किया गया था. बता दें कि इस मामले की जांच एनआईए अपने हाथ में ले चुकी है.
दुकान में घुसकर की गई कन्हैयालाल की हत्या
28 जून को उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. हत्या का आरोप मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद पर है. वारदात के बाद राजस्थान में जगह-जगह बवाल शुरू हो गया था. शाम तक दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि कन्हैयालाल के मोबाइल से नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट हुई थी. इसके चलते ही रियाज और गौस मोहम्मद ने उनकी हत्या कर दी.
पुलिस ने करा दिया था दोनों पक्षों में समझौता
11 जून को कन्हैयालाल के पड़ोसी नाजिम ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने कन्हैयालाल को गिरफ्तार किया था. कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. इसके बाद कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई और सुरक्षा मांगी थी. इसके बाद कन्हैयालाल और उनके पड़ोसी के बीच पुलिस ने समझौता करा दिया था. कन्हैयालाल की उदयपुर में भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है. कन्हैयालाल ने करीब 6 दिन बाद मंगलवार को अपनी दुकान खोली थी. तभी आरोपियों ने उनका गला रेत दिया.