Udaipur Killing: राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या की जांच अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है. गुरुवार को जांच एजेंसी NIA के अधिकारी उदयपुर पहुंच गए हैं. दोनों आरोपियों को एनआईए अपनी हिरासत में लेगी.
NIA की तरफ से बताया गया कि जांच एजेंसी ने जांच के लिए 10 अधिकारियों की टीम बनाई है. NIA के आईजी रैंक के अधिकारी उदयपुर पहुंच गए हैं. एनआईए दोनों आरोपियों को जयपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने के बाद मामले की जांच राजस्थान में ही करेगी. फिलहाल दोनों को दिल्ली लाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.
एनआईए की टीम ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी कम्युनिटी में हीरो बनना चाह रहे थे. इसलिए इस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, फिर वीडियो शूट किया गया.
जांच एजेंसी ने बताया कि वारदात में और लोगों के शामिल होने की पूरी संभावना है. ये बड़ा ग्रुप हो सकता है. एनआईए की तरफ से बताया गया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि कन्हैया लाल पर पहले से नजर रखी जा रही थी. उसकी हर एक एक्टिविटी पर आरोपियों की पैनी निगाह थी.
दुकान में घुसकर की गई कन्हैयालाल की हत्या
28 जून को उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. हत्या का आरोप मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद पर है. वारदात के बाद राजस्थान में जगह-जगह बवाल शुरू हो गया था. शाम तक दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि कन्हैयालाल के मोबाइल से नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट हुई थी. इसके चलते ही रियाज और गौस मोहम्मद ने उनकी हत्या कर दी.
पुलिस ने करा दिया था दोनों पक्षों में समझौता
11 जून को कन्हैयालाल के पड़ोसी नाजिम ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने कन्हैयालाल को गिरफ्तार किया था. कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी. इसके बाद कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई और सुरक्षा मांगी थी. इसके बाद कन्हैयालाल और उनके पड़ोसी के बीच पुलिस ने समझौता करा दिया था. कन्हैयालाल की उदयपुर में भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है. कन्हैयालाल ने करीब 6 दिन बाद मंगलवार को अपनी दुकान खोली थी. तभी आरोपियों ने उनका गला रेत दिया.