राजस्थान बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा. राज्य में बीजेपी दो गुटों में बंटी नजर आ रही है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सपोटर्स ने उनके समर्थन में बीजेपी कार्यालय के अंदर नारेबाजी की. कथित रूप से राजे समर्थक करीब 20 विधायकों ने पार्टी आलाकमान से प्रदेश नेतृत्व पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है. ऐसे में जब मंगलवार को पार्टी नेता, केंद्रीय मंत्री और पदाधिकारी कोर ग्रुप की बैठक में भाग लेने पहुंचे तो जयपुर में बीजेपी कार्यालय में गहमागहमी का माहौल रहा.
कोर ग्रुप की बैठक शाम 4 बजे शुरू हुई और लगभग तीन घंटे तक चली. वसुंधरा राजे इस बैठक कारीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचीं और बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किए बिना वहां से चली गईं. बैठक समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह मौजूद थे.
गौरतलब है कि जैसे ही वसुंधरा राजे पार्टी कार्यालय से बाहर निकलीं, उनके समर्थन में जोरदार नारे लगाए गए. राजे समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और 'केसरिया में हरा हरा, राजस्थान में वसुंधरा' और 'वसुंधरा राजे जिंदाबाद' जैसे नारे लगाए. इन सबके बीच वसुंधरा को पार्टी कार्यालय निकलकर अपनी गाड़ी तक जाना पड़ा, कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया.
मालूम हो कि राजे राजस्थान में पिछली कई महत्वपूर्ण बैठकों से गायब रहीं थीं. लेकिन बीते दिन दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में मौजूद थीं. इस बैठक में राजस्थान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया भी मौजूद थे. इन दोनों नेताओं के बीच काफी समय से मनमुटाव की खबरें आती रही हैं. जनवरी में सतीश पूनिया ने राजे पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया हमारे मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला नहीं करेगा.
बताया जा रहा है कि राजस्थान बीजेपी में अंतर्कलह बढ़ती जा रही है. नेताओं में आपसी विवाद इस हद तक बढ़ गया है कि दिल्ली तक पहुंच गया. हालांकि, मंगलवार को राजस्थान में हुई कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने ऐसी खबरों से इनकार कर दिया.