कोरोना की दूसरी लहर बूढ़े, जवान, नवजात सबके लिए घातक साबित हो रही है, हजारों नौजवान इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसी प्रकार आईआईटी जोधपुर में एक सहायक प्रोफेसर का निधन हो गया है. आईआईटी जोधपुर में गणित की सहायक प्रोफेसर डॉ वंदना शर्मा ने रविवार दोपहर को अंतिम सांस ले ली. वे जोधपुर के एम्स अस्पताल में भर्ती थीं जहां उनका कोरोना का इलाज चल रहा था.
वे पिछले 4 दिनों से जोधपुर एम्स के आईसीयू में भर्ती थीं, लेकिन चार दिन तक जिंदगी-मौत की लड़ाई के बाद वंदना ने दम तोड़ दिया. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वालीं थीं. वंदना शर्मा ने अगस्त 2019 में जोधपुर आईआईटी में सहायक प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था.
वंदना शर्मा पिछले 1 सप्ताह से अधिक समय से कोरोना से संक्रमित थीं, शर्मा को पहले जोधपुर के गोयल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जोधपुर एम्स हॉस्पिटल रेफर किया गया था,
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आईआईटी जोधपुर के रजिस्टर अमरदीप शर्मा ने बताया कि वंदना एक होनहार प्रतिभाशाली व्यक्तित्व की धनी थीं, कोरोना ने एक प्रतिभाशाली युवा प्रोफेसर की जिंदगी छीन ली, वंदना ने साल 2007 में आईआईटी मद्रास से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी, इसके बाद वे पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गईं. जहां उन्होंने हयूस्टन विश्वविद्यालय में 2009 में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की.और साल 2013 में पीएचडी की डिग्री हासिल की थी, वर्ष 2014 से 2019 तक वे एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में शिक्षण कार्य करतीं रहीं. वहीं वंदना के कई शोध पत्र देश- विदेशों के जनरल में प्रकाशित हुए.
आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधरी ने बताया ''हमने होनहार प्रोफ़ेसर को खो दिया है, जोधपुर आईआईटी में अब तक 270 से अधिक कोरोना संक्रमित आ चुके हैं जिनमें शिक्षक कर्मचारी व उनके परिवार भी शामिल हैं.