राष्ट्रमंडल खेल 2010 से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान लोगों की मौत की बात को स्वीकार करते हुए सरकार ने आज कहा कि राष्ट्रमंडल खेल परियोजना निर्माण कार्य के दौरान 109 मजदूरों की मौत हुई.
लोकसभा को श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री हरीष रावत ने बताया, ‘ साल 2001 से 2005 तक राष्ट्रमंडल खेल परियोजना के प्रथम चरण के दौरान 55 मजदूरों की मौत हुई जबकि 2006 के बाद द्वितीय चरण में 54 मजदूर मारे गए.’ इनमें से प्रथम चरण के तहत श्रम कल्याण कोष के बनने से पहले 18 लोगों की मौत हुई जिन्हें मुआवजा दिये जाने का उल्लेख नहीं किया गया है. जबकि इसी चरण में चार मजदूरों के आश्रितों की पहचान नहीं की जा सकी है तथा शेष के आश्रितों को मुआवजा प्रदान कर दिया गया है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में छह लोगों के आश्रितों की पहचान नहीं हुई है जबकि शेष के संबंधियो को मुआवजा प्रदान कर दिया गया है.
मंत्री ने रामसुंदर दास, भास्कर राव बापूराव पाटिल, भीष्मशंकर उर्फ कुशन तिवारी, राधा मोहन सिंह, चौधरी लाल सिंह, एकनाथ महादेव गायकावाड और मधु गौर यास्खी के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि राष्ट्रमंडल खेल परियोजना से जुड़े डीएमआरसी स्थलों पर छह लोगों की मौत हुई.