पाकिस्तान में पश्चिमोत्तर भाग में दो आतंकवादी हमलों के कुछ ही घंटों बाद दक्षिण पश्चिमी शहर क्वेटा में शुक्रवार को शिया जुलूस पर आत्मघाती बम हमले और उसके बाद हुई गोलीबारी में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गयी जबकि मीडियाकर्मियों समेत 100 से अधिक अन्य घायल हो गए.
बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में तीन बजे से महज कुछ देर पहले शिया छात्रों की रैली जब मिजान चौक पर पहुंची तब आत्मघाती बम हमलावार ने खुद को उड़ा लिया.
टीवी चैनलों ने पुलिस और नागरिक अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. अस्पताल के अधिकारियों ने भी बताया है कि अस्तपाल में करीब 100 घायल लाए गए हैं.
एक टीवी चैनल का ड्राइवर भी मारा गया जबकि विभिन्न चैनलों के सात रिपोर्टर और कैमरामैन भी घायल हो गए. विस्फोट के बाद मीजान चौक पर दहशत और अफरातफरी फैल गयी. कई लोगों को कारों और मोटरसाइकिलों के पीछे छिपने का प्रयास करते देखा गया.
अधिकारियों के अनुसार रैली में हथियारों के साथ आए युवकों ने इस विस्फोट से नाराज होकर गोलियां चलानी शुरू कर दी. गोलीबारी से भी कई व्यक्ति घायल हो गए. इस रैली का आयोजन इमामिया स्टूडेंट ओर्गनाइजेशन ने अल कुद्स के अवसर पर फलस्तीन की जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए किया था.किसी भी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है.{mospagebreak}
इसी बीच बलूचिस्तान के पुलिस प्रमुख मलिक इकबाल ने इस बात की पुष्टि की है कि यह हमला आत्मघाती बम विस्फोट था. उनके अनुसार रैली के आयोजकों से आतंकवादी हमले की आशंका के मद्देजनर रैली का मार्ग बदलने को कहा गया था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना जबर्दस्त था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनी गयी. उधर रैली में आए लोगों ने विस्फोट के बाद कई दुकानों और मकानों में भी आग लगा दी. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गोलीबारी होने की खबर है.
इस विस्फोट ने क्वेटा में पिछले कुछ महीनों से जारी जातीय और सामुदायिक तनाव को बढ़ा दिया है. इससे पहले पेशावर के बाहरी इलाके में सड़क किनारे एक पुलिस वैन को निशाना बनाकर किए गए बम विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गयी तथा तीन अन्य घायल हो गए.
इस विस्फोट के कुछ ही घंटे बाद मरदान में भी एक अहमदी मस्जिद को निशाना बना कर किए गए आत्मघाती हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए.