यूपी में भी बाढ़ ने कई जिलों में तबाही ला दी है. उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर में रविवार को अचानक आई बाढ़ में फंसे लोगों को वायु सेना की मदद से बाहर निकाला गया. प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि ललितपुर की तालबेहट तहसील में स्थित एक गांव अचानक भारी बारिश के कारण बाढ़ के पानी से घिर गया और वहां के छह निवासी फंस गए थे. वायु सेना की टीम ने उन्हें सफलतापूर्वक बाहर निकाला.
Rescue helicopter of Indian Army rescues 6 people stranded in a marooned village due to sudden downpour in Talbehat tehsil of Lalitpur district. pic.twitter.com/5xWsMJlZuf
— ANI UP (@ANINewsUP) September 2, 2018
कुमार ने बताया कि झांसी जिले की गरौठा तहसील में बेतवा नदी पर बने एरच बांध के नजदीक एक टापूनुमा जगह पर फंसे आठ मछुआरों को भी वायु सेना की मदद से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.
बारिश हुई जानलेवा
वहीं इसी बीच, प्रदेश में जानलेवा बनी बारिश की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान 16 लोगों की मौत हो गई तथा 12 अन्य जख्मी हो गए हैं. राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान वज्रपात तथा बारिश के कारण मकान गिरने इत्यादि वर्षाजनित हादसों में कुल 16 लोगों की मौत हो गई. इनमें शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा छह लोगों की मौत हो गई.
इसके अलावा सीतापुर में तीन, अमेठी तथा औरैया में दो-दो और लखीमपुर खीरी, रायबरेली एवं उन्नाव में एक-एक व्यक्ति की वर्षाजनित दुर्घटनाओं में मौत हुई है. पूरे प्रदेश में ऐसे हादसों में 12 लोग जख्मी भी हुए हैं. इसके अलावा कुल 461 मकान अथवा झोपड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं. शाहजहांपुर से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले के कांठ क्षेत्र में खराब मौसम के बीच बिजली गिरने की घटनाओं में चार बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई तथा चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
आकाशीय बिजली का कहर
कांठ थाना क्षेत्र के शमशेरपुर गांव में कल शाम कुछ लड़के खेतों में पशु चरा रहे थे. इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई जिस से बचने के लिए वे बच्चे एक पेड़ के नीचे बैठ गए. इसी दौरान उस पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई. इस घटना में 24 वर्षीय मोहित नामक युवक के अलावा बबलू (05), अनमोल (10) तथा डबलू (11) की मौत हो गई है जबकि विपिन, रामकिशोर तथा एक अन्य लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया. इसी थाना क्षेत्र के नबीपुर गांव में खेतों में बकरी चरा रही 11 वर्षीय वंदना एवं सिकंदरपुर गांव में अशोक (42) को भी खराब मौसम के बीच गिरी बिजली ने चपेट में ले लिया जिससे उनकी भी घटनास्थल पर मौत हो गई.
जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि उप जिलाधिकारी रामजी मिश्रा को घटनास्थल पर भेजा गया है साथ ही प्रत्येक मृतकों के परिजन को 12 घंटे के अंदर चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक इलाकों में बारिश हुई. अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में वर्षा होने का अनुमान है. असम में बारिश और बाढ़ का कहर जारी है.
Five people of a family drowned and died after the car they were travelling in fell in a river in Sivasagar's Disial when they were crossing a dam, last night. National Disaster Response Force (NDRF) trying to recover the bodies. #Assam (earlier visuals) pic.twitter.com/CAHaLNsZwN
— ANI (@ANI) September 2, 2018
इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जलभरण क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की वजह से प्रदेश में गंगा, घाघरा, शारदा और रामगंगा समेत अनेक नदियां उफान पर हैं. गंगा नदी नरौरा, अंकिनघाट और फर्रुखाबाद में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. वहीं, कानपुर, गुमटिया, बलिया तथा डलमऊ में इसका जलस्तर लाल निशान के नजदीक बना हुआ है। रामगंगा नदी डाबरी में खतरे के चिह्न को पार गयी है, जबकि मुरादाबाद में यह इस निशान के करीब पहुंच चुकी है.
घाघरा नदी एल्गिनब्रिज, तुर्तीपार और अयोध्या में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां में लाल चिह्न के पार बना हुआ है. वहीं शारदानगर में यह इस निशान के करीब पहुंच चुकी है. क्वानो नदी चंद्रदीपघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.