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म्यांमार हिंसा से जुड़े बोधगया धमाकों के तार, देश के सभी बौद्ध मंदिर अलर्ट पर

बोधगया के महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमले के बाद देश भर के बौद्ध तीर्थस्थलों की सुरक्षा के संबंध में विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं. आईबी सूत्रों के मुताबिक, हमले का संबंध म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धधर्मियों के बीच हुई हिंसा से हो सकता है.

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बोधगया में आठ धमाके
बोधगया में आठ धमाके

बोधगया के महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमले के बाद देश भर के बौद्ध तीर्थस्थलों की सुरक्षा के संबंध में विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं. आईबी सूत्रों के मुताबिक, हमले का संबंध म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धधर्मियों के बीच हुई हिंसा से हो सकता है.

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारी मिश्रित संस्कृति और सभ्यता सब धर्मों का आदर करना सिखाती है. धार्मिक स्थलों पर ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. हमले में घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.'

आईबी ने एक हफ्ते पहले महाबोधि मंदिर पर हमले की आशंका जताई थी. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी ने हथियार की मांग भी की थी. इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए.

रविवार सुबह बोधगया के मशहूर महाबोधि मंदिर परिसर और उसके बाहर नौ सिलसिलेवार धमाके हुए.

धमाकों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए. घायलों में एक तिब्बत और एक थाईलैंड से है. एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. मंदिर परिसर में दो जिंदा बम भी मिले, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया.

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धमाके कम तीव्रता के थे. चार धमाके मंदिर परिसर में और चार बाहर हुए. एक धमाका बोधिवृक्ष के पास, एक 80 फीट मूर्ति के पास, एक करमापा मंदिर के पास और दो धमाके मंदिर के दरवाजे और मंदिर के बीच हुए. पुलिस ने मंदिर परिसर को खाली करा लिया है. गृह मंत्रालय ने आतंकी हमले की पुष्टि कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोधगया पहुंच गए हैं.

पहला धमाका महाबोधि मंदिर के बोधिवृक्ष के पास सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर हुआ और इसके बाद दो-दो मिनट के अंतराल पर धमाकों की झड़ी लग गई. पुलिस ने कहा है कि मंदिर सुरक्षित है. घटनास्थल से दो आईईडी बरामद हुए हैं. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने धमाके से पहले मंदिर की रेकी की थी और वीडियो भी बनाया था. गृह मंत्रालय ने धमाकों पर रिपोर्ट मांगी है. एनआईए और एनएसजी की टीम बोधगया रवाना हो गई है.

बोधगया गया से करीब 10 और पटना से 100 किलोमीटर दूर है. यहां का महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्म के दुनिया भर के सबसे पवित्र स्थानों में से है. यहां पर ही बोधिवृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को निर्णाण प्राप्त हुआ था. तिब्बतियों के धार्मिक नेता दलाई लामा अकसर यहां आते रहते हैं. छह महीने पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे भी यहां आए थे. कुल 52 देशों ने यहां अपने मठ स्थापित किए हैं. मंदिर में सुबह चार बजे से पूजा शुरू हो जाती है और बौद्ध भिक्षु जुटने लगते हैं.


धमाके के बाद किसने क्या कहा

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नरेंद्र मोदी: महाबोधि मंदिर पर हमला कायरतापूर्ण है. यह भारतीयों और दुनिया भर के बौद्ध समाज के लिए बड़े दुख का मौका है.
लालू प्रसाद यादव:
अहिंसा और शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध ने जहां निर्वाण प्राप्त किया, वहां हिंसा होना बेहद दुखद है. आईबी के अलर्ट के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए. कड़ी आलोचना करता हूं. राज्य सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी.
रविशंकर प्रसाद:
देश पर माओवादियों और आतंकवादियों का खतरा है. खुफिया एजेंसियों की सूचना के बावजूद अगर ऐसे हमले हो रहे हैं तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए.
गृह मंत्रालय:
मंदिर के ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है. मोनेस्ट्री और भगवान बुद्ध की मू्र्ति सुरक्षित है. डीजीपी मौके पर मौजूद हैं. एनएसजी की टीम धमाके की समीक्षा करेगी.
बाबा रामदेव:
केंद्र सरकार देश को सुरक्षा देने में नाकाम है.
आरपीएन सिंह (गृह राज्य मंत्री):
घटना के पीछे आंतकवादी हैं. एनआईए की टीम घटनास्थल के लिए भेजी गई है. आईबी ने बिहार सरकार को ऐसी घटना के बारे में अलर्ट जारी किया था. अब तक किसी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है.
हरि मांझी (सांसद, गया):
केंद्र और राज्य सरकार को मालूम था कि इस तरह की घटना हो सकती है. दिल्ली से पकड़े गए माओवादियों ने पूछताछ में यह बात बताई थी. इसके बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए.

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भारत में धार्मिक स्‍थानों और उनके आस-पास हुए ब्‍लास्‍ट

24 सितंबर, 2002: गुजरात के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई.
7 मार्च, 2006:
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में संकटमोचन मंदिर व वारणसी कैंट रेलवे स्‍टेशन पर एक के बाद एक तीन धमाके, 21 लोगों की मौत.
8 सितंबर, 2006:
महाराष्‍ट्र के मालेगांव में एक मस्जिद के पास सीरियल ब्‍लास्‍ट. इस आतंकी घटना में 37 की मौत हो गई और 125 घायल हो गए.
18 मई, 2007:
आंध्र प्रदेश में हैदराबाद की मक्‍का मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान धमाके,13 की मौत.
11 अक्‍टूबर 2007:
अजमेर में एक सूफी संत की दरगाह पर धमाका, तीन लोग मारे गए.
1 जनवरी 2009:
गुवाहाटी में सीरियल ब्‍लास्‍ट, जिनमें एक मशहूर कामाख्‍या मंदिर के पास भूतनाथ बाजार में हुआ. कुल 6 लोग मारे गए और 67 घायल हो गए.
7 दिसंबर, 2010:
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शीतलाघाट पर धमाका, एक की मौत हो गई और 20 घायल हो गए.

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