गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की लड़ाई की कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता दिख रहा है. लंबे अरसे बाद दोनों नेता साथ दिखे, गुफ्तगू की और हाथ भी मिलाया. कहीं ऐसा तो नहीं कि मुख्यमंत्री मोदी को पीएम के ख्वाब के आगे गुजरात चुनाव की चिंता हो रही है?
जब से मोदी ने खुद को बीजेपी पीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करना शुरु किया, बीजेपी के पीएम-इन वेटिंग नेता लालकृष्ण आडवाणी की भौंहे तन गई. कई मौके आए जब या तो आडवाणी ने मोदी से किनारा किया या मुख्यमंत्री मोदी खुद आडवाणी के गांधीनगर या अहमदाबाद दौरे के दौरान किसी न किसी काम के बहाने शहर से बाहर चले गए, ताकि आडवाणी से मुलाकात की नौबत ही न आए. लेकिन अहमदाबाद में शुक्रवार को अरसे बाद दोनों नेता साथ दिखे. सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन ये सच है कि मुख्यमंत्री मोदी ने न सिर्फ 20 मिनट तक आडवाणी से बात की बल्कि साथ चलकर गाड़ी तक भी छोड़ा. आखिरी घड़ी में दोनों के चेहरे पर मुस्कान थी, हाथ भी मिलाए जा रहे थे.
दरअसल संजय़ जोशी प्रकरण और केशूभाई पटेल के विरोध ने मुख्यमंत्री मोदी की नाक में दम कर दिया है और इससे आडवाणी ही मोदी को बचा सकते हैं. इसलिए मोदी को आडवाणी की शरण में जाना ही पड़ा. वैसे भी मोदी अगर गुजरात ही न बचा पाए तो पीएम बनने का ख्वाब क्या खाक पूरा हो पाएगा?