4 जून की रात रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के आंदोलन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई मामले पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दलील दी थी कि 4 जून की रात रामदेव के समर्थक आक्रामक हो गए थे, जिसके बाद पुलिस को सख्त रूख अपनाना पडा.
वहीं अमाइकस क्यूरे, राजीव धवन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रामलीला मैदान में पुलिस कारवाई करने की योजना और उस पर हो रहे अमल की पल-पल की जानकारी गृहमंत्रालय के आला अधिकारियों तक को थी. और उनकी सहमति से ही पुलिस की कारवाई चल रही थी.
वहीं सुप्रीम कोर्ट रामलीला मैदान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अलावा न्यूज चैनलों के मंगाई फुटेज भी देख चुका है.