scorecardresearch
 

बांदा रेप केस: जेल वार्डन को धमकाए जाने की जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में बांदा जेल की वार्डेन द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर ‘धमकाने’ का आरोप लगाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए कारागार विभाग ने आज इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं.

Advertisement
X

Advertisement

उत्तर प्रदेश में बांदा जेल की वार्डेन द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर ‘धमकाने’ का आरोप लगाए जाने को गम्भीरता से लेते हुए कारागार विभाग ने आज इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं.

अपर पुलिस महानिदेशक (कारागार) वी. के. गुप्ता ने बताया ‘हालांकि वार्डेन के आरोप संदिग्ध लगते हैं लेकिन हमने इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं. वार्डेन की शिकायत पर शक इसलिये भी पैदा होता है क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रतिनिधिमंडल के बांदा जेल के दौरे के समय उसके सदस्यों से इस बारे में कुछ नहीं बताया था.’ उन्होंने बताया कि कारागार महानिरीक्षक योगेश शुक्ल को कारागार वार्डेन शहनाज बेगम के आरोपों की जांच कर आज शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

बांदा जेल में कथित रूप से बसपा के निलम्बित विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के कथित बलात्कार की पीड़ित अति पिछड़ी जाति की नाबालिग लड़की को चोरी के आरोप में बंद किया गया था. इसी जेल की वार्डेन शहनाज का आरोप है कि उसके वरिष्ठ अधिकारी उसे ‘मुंह न खोलने’ की धमकी दे रहे हैं.

Advertisement

शहनाज का कहना है कि इस मामले में सीबीसीआईडी जांच के दौरान उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे मुंह बंद रखने को कहा था.

शहनाज बांदा जेल की एकमात्र ऐसी कर्मी है जिन्होंने मामले की सीबीसीआईडी जांच के दौरान आरोपी बसपा विधायक द्विवेदी के खिलाफ बातें कही थीं.

शहनाज ने आरोप लगाया कि उसे जेल और डिप्टी जेलर समेत वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उन्हें जेल ड्यूटी से भी हटा दिया गया है. उसने खुद पर हो रहे जुल्म के विरोध स्वरूप आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है.

शहनाज ने बांदा में संवाददाताओं से कहा ‘मैंने जो भी कहा है वह सच है और मैं उस पर अब भी कायम हूं. अब मैं बांदा से अपना तबादला चाहती हूं.’

Advertisement
Advertisement