उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का ठीकरा केन्द्र सरकार के सिर फोड़ते हुए सोमवार को कहा कि यह क्षेत्र इस वक्त उतना पिछड़ा नहीं है जितना अन्य पार्टियों के शासन के दौरान था.
बुंदेलों की सरजमीं बांदा में आयोजित चुनावी जनसभा में मायावती ने कहा कि उनकी सरकार ने बुंदेलखंड के विकास के लिये केन्द्र से 11 हजार करोड़ रुपए मांगे थे जो उसे आज तक नहीं मिले. राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से इस क्षेत्र का विकास किया है और बुंदेलखंड आज उतना पिछड़ा नहीं है जितना अन्य सरकारों के शासनकाल में था.
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति विरासत में मिली है और इसके लिये केन्द्र सरकार जिम्मेदार है.
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं कांग्रेस के युवराज से कहना चाहती हूं कि वह दलितों के घर जाकर उनको लुभाने का नाटक बंद करें. मायावती ने कहा कि राहुल की यह बात कि बसपा संस्थापक कांशीराम की इज्जत करते हैं, उन्हें और दलितों को कांटे की तरह चुभती है. यह कथन महज नाटक है और दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश है.
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने जितने भ्रष्ट मंत्रियों तथा विधायकों को पार्टी से निकाला है, वे अब अपनी जगह पहुंच गये हैं और जनता उनकी करनी का अच्छा जवाब देने को तैयार हो गयी है.