वोट के लिए नोट मामले में कथित संलिप्तता के आरोपी समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व महासचिव अमर सिंह की जमानत याचिका पर बहस के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने कहा कि 2008 में हुए विश्वास प्रस्ताव के दौरान सांसदों के घूस देने के लिए धन उनके मुवक्किल की ओर से नहीं आया बल्कि यह 'सम्भवत: भाजपा के स्रोत से आया'.
जेठमलानी ने विशेष न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल की अदालत में कहा, ‘अमर सिंह के खिलाफ धन जुटाने और किसी को धन देने का कोई आरोप नहीं है.’
जेठमलानी ने अपनी दलील में कहा, ‘हाल ही में लोकसभा में लालकृष्ण आडवाणी ने कहा था कि यह स्टिंग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रायोजित था. पैसा भाजपा के किसी स्रोत से आया हो सिंह ने यह पैसा उपलब्ध नहीं कराया. स्टिंग भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए किया गया था. इससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने जो कुछ भी किया वह गैरकानूनी नहीं था.’
उन्होंने कहा कि इस मामले में स्टिंग आपरेशन एक निजी चैनल द्वारा किया गया और इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को उजागर करना था ऐसे में सांसदों द्वारा जो किया गया उसमें कुछ भी गैरकानूनी नही था.
जेठमलानी ने अदालत से कहा, ‘सह आरोपी और कथित मध्यस्थ संजीव सक्सेना (अमर सिंह के सहयोगी) ने अदालत में पूर्व में दिए अपने बयान में कहा है कि उसने भाजपा सांसदों को पैसे दिए. और ऐसे में जब भाजपा दावा कर रही है कि यह उसका स्टिंग आपरेशन था तो धन भी पार्टी के कोष से ही आया होगा.’
उल्लेखनीय है कि वोट के लिए नोट मामले में अमर सिंह (55) छह सितम्बर को गिरफ्तार किए गए थे और अदालत ने उन्हें 19 सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.