जिस देश में 'पंच' को 'परमेश्वर' तक का दर्जा दिया जाता रहा हो, वहीं आज खाप पंचायतों के कई तुगलकी फरमान घोर निराशा का माहौल पैदा करते नजर आ रहे हैं.
कहीं लड़कियों के मोबाइल फोन रखने व जींस पहनने को लेकर ऐतराज का स्वर सुनाई पड़ता है, तो कहीं गोत्र के नाम पर प्रेमी जोड़े के कत्ल का वहशी फरमान.
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि क्या मौजूदा सभ्य समाज में खाप पंचायतों के अविवेकपूर्ण फैसलों को स्वीकार किया जा सकता है? क्या ये मनमाने फैसलों से देश की कानून-व्यवस्था को चुनौती नहीं दे रही हैं? इसी ज्वलंत मसले पर पूनम शर्मा के साथ चैट.
पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 15 साल से अधिक का अनुभव लिए पूनम ने दुनिया भर में खेल और उससे संबंधित विभिन्न घटनाओं को कवर किया है और उन्हें विभिन्न खेलों से संबंधित कार्यक्रमों का निर्माण करने और उन्हें प्रस्तुत करने का काफी अनुभव है.
पूनम ने भारत के पहले लाइव और इंटरैक्टिव गेम शो 'सुपर सेलेक्टर' का भी संचालन किया था. गौरतलब है कि इस कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली थी और ऑनलाइन भागीदारी में इसने विश्व रिकॉर्ड बनाया था. पूनम ने न केवल खेल जगत की कई हस्तियों के इंटरव्यू लिये हैं बल्कि वसीम अकरम, कपिल देव, सुनील गवास्कर, नवजोत सिंह सिद्धू और रवि शास्त्री जैसे क्रिकेट के दिग्गजों के साथ कार्यक्रमों का संचालन भी किया है.
उन्हेंने भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में खेल संवादाताओं और प्रस्तोताओं को प्रशिक्षण भी दिया है. आज तक के साथ जुड़ने से पहले पूनम 6 साल तक सिंगापुर स्थित ईएसपीएन के मुख्यालय में चैनल के कार्यक्रम 'स्पोर्ट्स सेंटर' की प्रस्तोता और निर्माता का काम देख रही थीं.