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पटना की सिटी एसपी बनीं लेडी सिंघम

ये आग, ये गुस्सा, ये विरोध, ये पुलिस. और अब खाकी वर्दी वाली इन खातून का ये थप्पड़. पटना की सिटी एसपी किम अपने नाम किम से कम लेडी सिंघम के नाम से ज्यादा मशहूर हैं. और शायद आजकल ये उसी लेडी सिंघम के किरदार में जी रही हैं.

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लेडी सिंघम
लेडी सिंघम

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ये आग, ये गुस्सा, ये विरोध, ये पुलिस. और अब खाकी वर्दी वाली इन खातून का ये थप्पड़. पटना की सिटी एसपी किम अपने नाम किम से कम लेडी सिंघम के नाम से ज्यादा मशहूर हैं. और शायद आजकल ये उसी लेडी सिंघम के किरदार में जी रही हैं.

'लेडी सिंघम' सबसे पहले एक लड़के के सिर पर मुक्का मारती हैं. उसी हाथ से जिस हाथ में मोबाइल दबाए हैं. पास में ही लड़के की मां खड़ी थी. मां को बेटे की पिटाई बर्दाश्त नहीं होती. लिहाजा वो सिटी एसपी से बस इतना ही पूछती है कि उसके बेटे को क्यों मार रही हो कि अचानक सिटी एसपी अपना आपा खो बैठती हैं. इसके बाद वो बेटे के सामने उसकी मां को थप्पड़ जड़ देती हैं. मां को इस थप्पड़ से इतना गुस्सा आता है कि वो भूल जाती है कि थप्पड़ एसपी सिटी ने मारा है. बस फिर क्या था. गुस्से में वो भी एसपी सिटी किम पर हाथ उठा देती है.

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मां का हाथ उठाना था कि एसपी सिटी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है. अब दोनों लगभग एक-दूसरे का बाल पकड कर ऐसे लड़ने लगती हैं मानों ये पुलिस पब्लिक की लड़ाई नहीं बल्कि दो औरतों या सास-बहू का झगड़ा हो. इस बीच मां को अपने सामने थप्पड़ खाता देख बेटा भी बर्दाश्त नहीं कर पाया.

साथ में बहुत से पुलिस वाले भी वहां खड़े थे. वो भी दोनों की इस हरकत से सकपका गए. बाद में किसी तरह पुलिसवालों ने एसपी सिटी और और उस महिला को अलग किया. इसके बाद मां बेटे को मौके से दूर ले जाया गया.

आइए अब आपको पूरी कहानी बताते हैं. दरअसल पटना के कंकड़बाग इलाके में सोमवार शाम करंट लगने से दो लड़कों की मौत हो गई थी. दोनों लड़कों पर हाईटेंशन तार टूट कर गिर पड़ा था. इसी के बाद इलाके के लोग प्रशासन की लापरवाही को लेकर गुस्से में भड़क उठे. उन्होंने तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी.

बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी भांजी. और फिर तभी सिटी एसपी भी वहां पहुंच गईं.

मामला लापरवाही से मौत का था. लोग गुस्से में थे. पर गुस्से में हिंसा को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. ज़ाहिर है लोगों की गलती भी थी. पर ऐसे हालात से निपटने के लिए हमेशा पुलिस को संयम बरतने की सलाह और ट्रेनिंग दी जाती है. लेकिन शायद सिटी एसपी साहिबा गुस्से में ये सबक़ भूल गई थीं.

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क्या यूं किसी को सरेआम थप्पड़ मारना सही है? क्या किसी बुज़ुर्ग महिला पर हाथ उठाना जायज़ है?

जिस महिला और उसके बेटे पर एसपी सिटी किम ने हाथ उठाया वो दोनों खुद को ना सिर्फ अपमानित महूस कर रहे हैं बल्कि एसपी सिटी की इस हरकत के लिए पटना पुलिस को अदालत में घसीटने का मन बना चुके हैं.

पटना के कंकड़बाग इलाके में सोमवार रात जिस परिवार की सिटी एसपी किम ने पिटाई की थी वो परिवार अब एसपी और पुलिस के खिलाफ ही मामला दर्ज करने जा रहा है. पीड़ित महिला सुजाता के मुताबिक उनके मोहल्ले में दो लड़को की मौत हुई थी और उनका परिवार सिर्फ गेट के पास खड़ा होकर हंगामे को देख रहा था. तभी गुस्साए पुलिसवालों ने उनके कैंपस में घुसकर उनके साथ मारपीट और बदसलूकी शुरू कर दी.

दूसरी तरफ सुजाता के बेटे अनिमेष का कहना है कि एसपी सिटी किम चूंकि पटना में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर हो रही थीं लिहाजा वो उन्हें सुपर कॉप समझने लगा था. अनिमेश के मुताबिक वो एसपी सिटी की दिल से इज्जत करता था. उसका कहना है कि सोमवार रात हंगामे के बाद एसपी को समझाने के लिए ही वो उनके करीब गया था. पर उल्टे उन्होंने उसी की पिटाई कर दी. इस हादसे के बाद एसपी को लेकर अनिमेश का नज़रिया अब बदल गया है.

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हालांकि इस पूरे मामले में खुद पुलिस ने अब तक सुजाता या उसके बेटे के खिलाफ कोई शिकायत नहीं लिखी है. यहां तक कि एसपी सिटी ने भी खुद पर हमले या मारपीट की बात से इंकार किया है.

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