मृत्युदंड का मजबूती से बचाव करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी ने क्षमा याचिका पर सरकार के रवैये को ‘निंदनीय’ करार दिया और उनके जल्दी निपटाये जाने की मांग की.
उन्होंने कहा, ‘क्षमा याचिका में हम दशक लगा देते हैं, कोई कोई मामले में तो दशक से भी ज्यादा लग जाता है. यह क्रूर और अमानवीय है.’
तुलसी ने कहा, ‘आप किसी को मौत के मामले में इस तरह नहीं रख सकते क्योंकि इससे व्यक्ति अपना दिमाग खो देता है और आप एक पागल को मौत नहीं दे सकते.’ राष्ट्रमंडल के 17वें कानूनी सम्मेलन में ‘मृत्युदंड’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसे भी लोग है जिनकी क्षमा याचिका दस साल से लंबित हैं. राज्य की नीति के तौर पर यह बेहद निंदनीय है.’