कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला चलाने की मंजूरी दिये जाने को लेकर भाजपा तथा अन्य राजनीतिक दलों के विरोध का सामना कर रही कांग्रेस ने इस मुद्दे से पार्टी को अलग करने का प्रयास करते हुए कहा कि राज्यपाल के कार्यालय से उसका कोई सरोकार नहीं है.
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘राज्यपाल के कार्यालय से हमारा कोई सरोकार नहीं है. राज्यपाल एक संवैधानिक आथरिटी हैं. संविधान के तहत उन्हें संवैधानिक विशेषधिकार हैं. अंतत: संवैधानिक विशेषधिकार का इस्तेमाल उन पर निर्भर करता है.’
सिंघवी ने कहा, ‘उन्होंने (भारद्वाज) कहा है कि वे पिछले एक महीने से इस मामले में अपना दिमाग लगा रहे थे. अगर कोई इससे आहत है तो उसे कानूनी रास्ता अख्तियार करने का पूरा हक है. अगर किसी को आपत्ति है तो पूरे कानूनी उपाय उपलब्ध हैं. लेकिन इसमें राजनीति को लाना या किसी राजनीतिक दल का इसमें पड़ना तर्कसंगत नहीं होगा.’
यह पूछे जाने पर कि क्या एक पार्टी के रूप में कांग्रेस राज्यपाल की इस कार्रवाई को उचित मानती है सिंघवी ने कहा, ‘किसी का समर्थन या विरोध करना हमारा काम नहीं है. हमें जो कहना था हमने कह दिया है.’ उन्होंने हालांकि राज्यपाल के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध आयोजित करने और 25 जनवरी को राजभवन चलो का नारा देने तथा राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग करने के लिए भाजपा की आलोचना की.