भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिये व्यवस्थागत सुधार और कड़ा कानून जरुरी बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश के जनमानस में भ्रष्टाचार को लेकर पैदा हुए हताशा के वातावरण को बदल कर भरोसे का माहौल निर्मित करने की जरुरत है.
चौहान ने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि न केवल आम आदमी को लोक सेवा समय पर मिले बल्कि लोक सेवक भी उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें. अच्छे की सराहना और बुरे को दण्ड का उचित समन्वय हो. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिये व्यवस्थागत सुधार और बुरे पर दण्ड का उचित समन्वय हो.
मुख्यमंत्री चौहान ने लोकतंत्र में जनता की भगीदारी को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जनता की भागीदारी के बिना व्यावहारिक योजनाओं का निर्माण नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आम आदमी के सुझावों से योजनाओं का निर्माण किया है.
चौहान ने कहा कि प्रदेश में महिला, किसान और कारीगर सहित अनेक वर्ग और समूह की पंचायतों का आयोजन किया है. इन पंचायतों के चिंतन, मनन और मंथन से लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, जनदर्शन और समाधान आनलाइन और समाधान एक दिन जैसी अनेक योजनाएं बनीं.