तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले के वचाती में वर्ष 1992 में 18 जनजातीय महिलाओं के साथ बलात्कार और मारपीट मामले में जिला अदालत ने पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग के सभी 269 कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए कारावास की अलग-अलग सजा सुनाई.
धर्मपुरी प्रधान जिला न्यायाधीश एस. कुमारागुरु ने इनमें से 12 आरोपियों को बलात्कार का दोषी करार देते हुए उन्हें 17 वर्षो की जबकि बलात्कार के पांच अन्य दोषियों को पांच वर्षो की सजा सुनाई. कुल 269 आरोपियों में से 54 की सुनवाई के दौरान मौत हो गई.
न्यायालय ने अन्य दोषियों को एक से दो वर्षो की सजा सुनाई है. यह घटना 20 जून 1992 में हुई थी. इस शर्मनाक घटना से पूरा राज्य दहल उठा था.
वन विभाग के 155 कर्मचारी, 108 पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग के छह कर्मचारियों ने वचाती गांव में छापा मारा था. ग्रामीणों पर चंदन की लकड़ी छुपाकर रखने का आरोप था.