आंदोलन के रास्ते सियासी गलियारे में जगह बनाने की कोशिश कर रहे अरविंद केजरीवाल ने प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. केजरीवाल ने वाड्रा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने डीएलएफ से बिना ब्याज के लोन लिया और बदले में कंपनी को गैरकानूनी तरीके से फायदा पहुंचाया.
अरविंद केजरीवाल और आईएसी के सदस्य प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया कि डीएलएफ ने रॉबर्ट वाड्रा को 65 करोड़ रुपये का लोन दिया. कंपनी ने यह लोन बिना ब्याज के ही दिया. इसके बदले वाड्रा ने डीएलएफ को फायदा पहुंचाया.
डीएलएफ को पहुंचाया फायदा
प्रशांत भूषण ने कहा कि डीएलएफ 2007 में महज 50 लाख की कंपनी थी, जो अभी 500 करोड़ की हो चुकी है. उन्होंने कहा कि डीएलएफ ने रॉबर्ड वाड्रा को करोड़ों की संपत्ति सस्ते में दी. आंकडे़ पेश करते हुए प्रशांत भूषण ने खुलासा किया कि वाड्रा ने कंपनी से 300 करोड़ की संपत्ति खरीदी है.
सभी आरोपों की जांच की मांग
प्रशांत भूषण ने कहा कि हरियाणा में डीएलएफ को वैसी जमीन दी गई, जिसका अधिग्रहण पब्लिक के काम के लिए किया गया था. बीकानेर और दूसरी जगहों पर जो प्रोपर्टी खरीदी गई है, उसकी तहकीकात होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमलोगों ने इससे पहले 15 मंत्रियों के खिलाफ आरोप लगाए थे, उसके विषय में जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि अभी जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी भी जांच होनी चाहिए.
'सोनिया गांधी के दामाद का घोटाला'
वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री शांति भूषण ने कहा कि देश में जो हो रहा है, वह हैरान करने वाला है. शांति भूषण ने इस घोटाले को 'रॉबर्ट वाड्रा घोटाला' या 'सोनिया गांधी के दामाद का घोटाला' नाम दिया है.
कांग्रेस ने आरोपों को खारिज किया
इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को बेबुनियादी आरोप लगाने की आदत पड़ गई है. उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती करता है, तो कानून के दरवाजे सबके लिए खुले हैं.
बीजेपी के हाथ लगा बड़ा मुद्दा
दूसरी ओर, बीजेपी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 10 जनपथ पूरी तरह से घोटालों का अड्डा बन चुका है. उन्होंने इस मामले की जांच करने की मांग की.