राष्ट्रीय राजधानी में हाल के दिनों में महिलाओं और बुजुर्गों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है.
दिल्ली पुलिस के सालाना संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को पुलिस आयुक्त बी के गुप्ता ने वर्ष 2011 के लिए दिल्ली पुलिस की रणनीतियों का खुलासा करते हुए बताया कि महिलाओं एवं बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
पुलिस आयुक्त ने कहा कि नए साल में दिल्ली पुलिस की रणनीति सड़कों एवं गली-मुहल्लों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने की होगी. इसके अलावा महिलाओं एवं बुजुर्गों के खिलाफ होने वाली वारदात पर भी अंकुश लगाया जाएगा. संवाददाता सम्मेलन में गुप्ता ने कहा कि आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बीट पुलिसिंग की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाया जाएगा.
गुप्ता ने कहा कि नए साल में दिल्ली पुलिस का मिशन जनता को पुलिस सेवाओं के उच्चतम मानक का लाभ प्रदान करना है. इसके लिए जनोन्मुख, जनहितैषी और लोगों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने वाली पुलिसिंग पर ध्यान दिया जाएगा. {mospagebreak}
सालाना संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को सुचारू यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए यातायात नियमों को सख्ती से लागू कराया जाएगा. इसके लिए मोटरसाइकिल सवार यातायात पुलिस के जवान इस बात की निगरानी करेंगे कि लोग सड़कों पर बने लेन में अनुशासनबद्ध होकर चल रहे हैं कि नहीं.
आतंकवाद निरोधक उपायों की चर्चा करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जरूरी है कि आम लोग पुलिस की आंख-कान बनें. इन उपायों के तहत साइबर कैफे की तलाशी, शहर के भीतर आने वाले वाहनों की तलाशी, किराएदारों की जांच और बाजारों में सीसीटीवी लगाने के काम में तेजी लायी जाएगी.
गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के तहत 9280 बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें पंजीकृत किया गया. बीट स्टाफ नियमित तौर पर बुजुर्गों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करते हैं. पुलिस आयुक्त ने कहा कि महिला केंद्रित पुलिसिंग के तहत अब बसों, बाजारों, सिनेमाघरों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में औचक दौरे किए जाएंगे और किसी के खिलाफ शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.