वरिष्ठ समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस की परित्यक्ता पत्नी लैला कबीर तथा उनके भाइयों रिचर्ड और माइकल के बीच चल रहे पारिवारिक झगड़े ने बुधवार को वरिष्ठ नेता के राजधानी स्थित सरकारी आवास पर तमाशे का रूप ले लिया.
वरिष्ठ नेता के दोनों भाई, फर्नांडिस की करीबी सहयोगी जया जेटली के साथ तीन कृष्ण मेनन मार्ग स्थित आवास पर किताबें, फर्नीचर तथा पेंटिंग्स लेने के लिए आए थे. उनका दावा था कि ये चीजें उनकी हैं. घर की देखभाल करने वाले एस डी सिंह द्वारा घर में उनके प्रवेश पर आपत्ति जताए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया.
एस डी सिंह के इस कदम पर नाखुशी जाहिर करते हुए जेटली ने कहा ‘ये लोग फर्नांडिस की विरासत को बदनाम कर रहे हैं जिन्होंने कभी किसी के लिए अपने घर के दरवाजे बंद नहीं किए.’ उन्होंने कहा कि वह पेंटिंग्स तथा फर्नीचर लैला कबीर की सहमति मिलने के बाद लेने आयी हैं लेकिन उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया.
सिंह ने हालांकि कहा कि उन्हें जया जेटली के घर के भीतर आने में कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन उन्हें अपने साथ फर्नांडिस के दोनों भाइयों को लेकर नहीं आना चाहिए जिन्हें अदालत ने हाल ही में फर्नांडिस से मिलने की अनुमति दी थी जो इस समय कुछ शर्तो पर पंचशील पार्क में कबीर के साथ रह रहे हैं.
रिचर्ड और माइकल ने कहा कि वे फर्नांडिस से मुलाकात के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित एक मामले के सिलसिले में राजधानी आए थे. दोनों भाइयों ने आरोप लगाया ‘जार्ज से सुबह मिलने के बाद, हम यहां कुछ किताबें तथा परिवार के फोटो आदि लेने आए थे लेकिन हमें भीतर नहीं घुसने दिया गया. यह बेहद आपत्तिजनक है. यह कबीर के इशारे पर किया गया है.’
दोनों पक्षों के बीच इस कहासुनी के तुरंत बाद दर्जनभर पुलिसकर्मियों को फर्नांडिस के आवास के समीप तैनात कर दिया गया. पुलिस ने हालांकि इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. रिचर्ड और माइकल, लैला कबीर के साथ बीमार चल रहे पूर्व रक्षा मंत्री की सुपुर्दगी को लेकर अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने नौ जून को दिल्ली उच्च न्यायालय से संपर्क कर फर्नांडिस के गिरते स्वास्थ्य के मद्देनजर मामले के जल्द निपटारे की अपील की थी.