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दिल्ली: सर्किल रेट में 250 फीसदी की बढ़ोतरी, प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा

राजधानी में घर खरीदने का सपना और महंगा होने जा रहा है. दिल्ली सरकार ने संपत्ति (प्रॉपर्टी) की खरीद और बिक्री पर शुल्क की चोरी पर नकेल लगाने के लिए सर्किल दरों (जमीन की न्यूनतम सरकारी दरें) 250 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय किया.

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सर्किल रेट
सर्किल रेट

राजधानी में घर खरीदने का सपना और महंगा होने जा रहा है. दिल्ली सरकार ने संपत्ति (प्रॉपर्टी) की खरीद और बिक्री पर शुल्क की चोरी पर नकेल लगाने के लिए सर्किल दरों (जमीन की न्यूनतम सरकारी दरें) 250 प्रतिशत तक बढ़ाने का निर्णय किया.

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अचल सम्पत्ति के सौदों में काले धन का इस्तेमाल रोकने और राजस्व बढ़ाने के उद्येश्य से उठाए गए इस कदम के कारण राजधानी में लोगों के लिए घर खरीदना काफी महंगा हो जाएगा. पिछले नौ माह में दिल्ली में सर्किल दरों में यह दूसरी बढ़ोतरी है. इससे पहले फरवरी में सर्किल रेट 100 प्रतिशत बढ़ाए गए थे.

दिल्ली मंत्रिमंडल ने जो संशोधित सर्किल दरों े की मंजूरी दी है उसके अनुसार श्रेणी ए की कॉलोनियों मसलन डिफेंस कॉलोनी, ग्रेटर कैलाश, गुलमोहर पार्क, पंचशील एनक्लेव, आनंदलोक, ग्रीन पार्क, गोल्फ लिंक और हौज खास में सर्किल दर 2.15 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी. इसका मतलब है कि इन कॉलोनियों में किसी को भी 2.15 लाख वर्ग मीटर के भाव से कम भूमि या प्रॉपर्टी खरीदने की अनुमति नहीं होगी. अभी तक इन कॉलोनियों के सर्किल रेट की दर 86,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी. इस तरह इसमें सरकार ने 250 प्रतिशत की वृद्धि की है.

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मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा, ‘हमने सर्किल दरों में 15 से 250 प्रतिशत तक की वृद्धि का फैसला किया है, जिससे संपत्ति सौदों में उनका वास्तविक मूल्य दिखायी दे.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्किल दरों में वृद्धि से सरकार को सालाना 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, क्योंकि इससे स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क संग्रहण बढ़ जाएगा.

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने सर्किल दरें इसलिए बढ़ाई हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों में प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत नहीं दर्शायी जाती, जिससे सरकार को स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में राजस्व का भारी नुकसान होता है. अधिकारियों ने कहा, ‘हम प्रॉपर्टी सौदों में काले धन के इस्तेमाल को रोकना चाहते हैं और साथ ही राजस्व बढ़ाना चाहते हैं.’

मुख्यमंत्री दीक्षित ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक दो साल के अंतराल के बाद सर्किल दरों में संशोधन का भी फैसला किया है. बी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए सर्किल रेट 1,36,400 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है. बी श्रेणी के तहत एंड्रूज गंज, कालकाजी, मुनीरका विहार और नेहरू एनक्लेव कॉलोनियां आती हैं. पहले इस श्रेणी के तहत सर्किल रेट की दर 68,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी.

इसी तरह सी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए सर्किल दर 100 प्रतिशत बढ़ाकर 54,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 1,09,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर की गई है. डी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए नई सर्किल दर 87,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी. अभी तक यह 43,600 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी.

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इसी तरह ई और एफ श्रेणी की कॉलोनियों के लिए सर्किल दर बढ़ाकर क्रमश: 47,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 38,640 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है, जो अभी तक क्रमश: 36,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 32,200 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी.

जी और एच श्रेणी की कॉलोनियों के लिए नई दरें 31,000 रुपये और 15,870 रुपये होंगी. अभी तक यह क्रमश: 27,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 13,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी. राजस्व मंत्री अशोक कुमार वालिया ने कहा कि नई दरें एक सप्ताह में लागू हो जाएंगी. इस बारे में अधिसूचना जारी की जाएगी.

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