काले धन के मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने को लेकर सामाजिक संगठनों के विरोध का सामना कर रही सरकार ने बुधवार को एक और समिति गठित करने की घोषणा की, जो कर न चुकाने वाले डिफॉल्टरों का पता लगाने, उनकी पहचान सार्वजनिक करने तथा कर वसूली के रास्ते सुझाएगी.
नई समिति का गठन वित्त मंत्रालय में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने किया है. समिति 'स्थायी चूककर्ताओं' के नाम सार्वजनिक करने की संभावना पर भी विचार करेगी.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जबकि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने योग गुरु रामदेव के अनुयायियों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर अनशन किया है.
उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार से निपटने के लिए लोकपाल विधेयक के कार्यान्वयन को लेकर प्रदर्शनों की शुरुआत हजारे ने ही की थी.
सरकार का कहना है कि आयकर महानिदेशक (प्रशासन) अनिता कपूर की अध्यक्षता वाली यह समिति करदाताओं से कर वसूली के रास्ते सुझाएगी जो पकड़ में नहीं आ रहे हैं. समिति इस तरह के करदाताओं तथा उनकी अघोषित संपत्ति का पता लगाने के लिए बाहरी एजेंसियों की मदद लेने की संभावना पर भी विचार करेगी.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले माह भी एक उच्च स्तरीय समिति गठित की तथी जो कालेधन को जब्त करने तथा उसे राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने के उपाय सुझाएगी.