मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक 20 करोड़ यानी 900 करोड़ रुपये के कर्ज की पहली किस्त के लिये समझौते पर हस्ताक्षर किये.
ये समझौता मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षमता सुधार निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है. जिसमें चालीस करोड़ डॉलर का कर्ज लिया जाना है. कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार लाना है, ताकि ग्रामीण परिवारों को चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा सके, जिससे कि इन क्षेत्रों में कारोबार, रोजगार और शिक्षा को बढावा मिलेगा.
वित्त मंत्रालय की जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है. मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग में संयुक्त सचिव राजामोनी ने भारत सरकार और एडीबी के भारत में निदेशक हन किम ने समझौते पर हस्ताक्षर किये.
मध्यप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इस समय एक ही वितरण बिंदु से सिंचाई और ग्रामीण परिवारों के लिये बिजली की आपूर्ति से घरों के लिये बिजली की कमी हो जाती है.पुरानी वितरण लाइनें और पुराने ट्रांसफार्मर होने के कारण बिजली की गुणवत्ता भी खराब रहती है. एडीबी का कर्ज मिलने के बाद घरों और सिंचाई के लिये अलग अलग बिजली फीडर लगाये जा सकेंगे. उच्च वोल्टेज क्षमता के वितरण सिस्टम स्थापित किये जा सकेंगे और नये पावर कनेक्शन भी दिये जा सकेंगें.