भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली आईपीएल को ‘दानव’ बताने वाले अर्जुन रणतुंगा के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ‘देश हर खिलाड़ी की प्राथमिकता’ होता है.
गांगुली ने प्रचार कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘देश हमेशा सबसे पहले आता है. लेकिन कई बार अच्छा संतुलन बनाना जरूरी होता है. बोर्ड को चाहिये कि अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल में संतुलन बनाये. आईपीएल भी बीसीसीआई की उपज है.’ खिलाड़ियों की चोट के मसले पर उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट को तेंदुलकर, सहवाग और वार्न जैसे बड़े नामों की जरूरत है.
उन्होंने कहा, ‘तेंदुलकर, शेन वार्न जैसे खिलाड़ी नहीं होंगे तो यह टूर्नामेंट इतना सफल नहीं होगा. संतुलन बनाना मुश्किल है क्योंकि खिलाड़ी भी इंसान है. उन्हें भी आराम की जरूरत है. लेकिन आईपीएल बहुत बड़ा मंच है. संतुलन बनाना मुश्किल है क्योंकि बीसीसीआई चाहता है कि उसके सभी खिलाड़ी आईपीएल खेलें.’
रणतुंगा के बयान पर उन्होंने कहा, ‘वह लंबे समय से ऐसा कह रहे हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि आईपीएल खतरनाक है.’
उन्होंने कहा, ‘आईपीएल ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी है. देश का प्रतिनिधित्व 14 खिलाड़ी ही कर सकते हैं लेकिन उन खिलाड़ियों का क्या जो घरेलू सत्र में अच्छा खेलते हैं. आईपीएल उनके लिये एक मंच है और कमाई का जरिया भी.’ उन्होंने कहा, ‘पाल वलथाटी को देखिये, वह इस साल काफी कामयाब रहा. वह मुंबई की टीम में शामिल हो सकता है और भविष्य में भारतीय टीम में भी.’