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राज्यपाल ने की कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिशः सूत्र

सूत्रों के हवाले से खबर है कि कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है.

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हंसराज भारद्वाज व येदियुरप्पा
हंसराज भारद्वाज व येदियुरप्पा

सूत्रों के हवाले से खबर है कि कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. इससे पहले राज्यपाल ने विशेषज्ञों से सलाह ली है कि भाजपा के 11 बागी और पांच निर्दलीय विधायकों को अयोग्य करार देने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा निरस्त करने के मद्देनजर क्या सदन में बहुमत परीक्षण कराना जरूरी है या नहीं.

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भारद्वाज ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय का फैसला मुख्यमंत्री बी. एस येदियुरप्पा के खिलाफ आया है. उन्होंने कहा था कि वह कर्नाटक लौटने के बाद इस बारे में फैसला करेंगे.

उन्होंने बैंगलोर रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘फैसला आ गया है. मनमानेपन और संसद द्वारा तय नियम-कायदों का पालन नहीं करने की प्रवृत्ति को रोकने का एकमात्र तरीका अदालतों को प्रदत्त न्यायिक समीक्षा के अधिकार में निहित है.’ क्या वह भाजपा सरकार से बहुमत साबित करने को कहेंगे, इस पर भारद्वाज ने कहा कि सदन में बहुमत साबित करने के लिये परीक्षण कराने से कर्नाटक को मदद नहीं मिली है. इस कवायद को छल-कपट के जरिये नुकसान ही पहुंचा है.

क्या फिर से बहुमत परीक्षण कराने की जरूरत है, इस पर राज्यपाल ने कहा, ‘मैं टिप्पणियां चाहूंगा.’ उन्होंने कहा कि सरकार को संविधान द्वारा तय मानदंडों का पालन करने की जरूरत है.

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राज्यपाल ने संकेत दिये थे कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर भाजपा सरकार से बहुमत साबित करने को कहने के लिये सदन में परीक्षण कराया जा सकता है.

उधर, कर्नाटक सरकार को कोई खतरा होने की आशंका से इंकार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता धनंजय कुमार ने दावा किया कि विधानसभा में पार्टी को बहुमत प्राप्त है.

कुमार ने कहा, ‘भाजपा के 10 और चार निर्दलीय विधायकों ने जो अभी राष्ट्रीय राजधानी में हैं, कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार को बिना शर्त समर्थन देने के संबंध में अलग अलग पत्र जारी किए हैं.’ उन्होंने कहा कि एक निर्दलीय विधायक अभी बैंगलोर में हैं और उन्होंने भी कर्नाटक सरकार को बिना शर्त समर्थन देने के संबंध में पत्र भेजा है.

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद येदियुरप्पा सरकार को संकट का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा में कोई संकट नहीं है. हमारी संख्या 109 से बढ़कर 120 हो गयी है. येदियुरप्पा सरकार को 224 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है.’

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