कर्नाटक में राजनीतिक संकट के बीच प्रदेश के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कहा है कि वे किसी के खिलाफ नहीं हैं.
हंसराज भारद्वाज ने कहा कि उनके इस्तीफा देना का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल पांच वर्षों का है, जिसे वे पूरा करेंगे.
इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वे जल्द ही राज्यपाल हंसराज भारद्वाज से मिलकर उनसे अगले माह के शुरू में राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित करने का अनुरोध करेंगे.
येदियुरप्पा ने बेंगलूर के लिए रवाना होने से पहले कहा ‘‘मैं अपने कुछ मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ राज्यपाल से मिलकर अनुरोध करूंगा कि वे हमें जल्द ही विधानसभा सत्र शुरू करने की अनुमति दें.’’ उन्होंने कहा कि यह दूसरा मौका है, जब राज्य मंत्रिमंडल ने सत्र बुलाने की सिफारिश की है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे आज उम्मीद है कि वे सही फैसला करेंगे और हमें दो जून से विधानसभा का सत्र आयोजित करने की अनुमति देंगे.’’ येदियुरप्पा ने, विश्वास मत हासिल करने से पूर्व 16 विधायकों को सदन की सदस्यता के अयोग्य घोषित करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर राज्यपाल द्वारा सवाल उठाए जाने के संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है. मैं राज्यपाल से चर्चा करूंगा और फिर आपके समक्ष आऊंगा.’’
गौरतलब है कि राज्यपाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की है, जिसके बाद भाजपा उनके इस्तीफे की मांग कर रही है. पार्टी का दावा है कि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में उसके पास 121 विधायकों का समर्थन है.