scorecardresearch
 

सरकार और कैग ने कहा वे एक-दूसरे के दुश्मन नहीं..

केंद्र सरकार और नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के बीच हाल में बना तनाव का वातावरण कुछ शिथिल होता दिखा. दोनों ओर से कहा गया कि वे वह एक दूसरे के विरोधी नहीं हैं.

Advertisement
X
विनोद राय
विनोद राय

केंद्र सरकार और नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) के बीच हाल में बना तनाव का वातावरण कुछ शिथिल होता दिखा. दोनों ओर से कहा गया कि वे वह एक दूसरे के विरोधी नहीं हैं.

Advertisement

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कैग के एक सम्मेलन में कहा, ‘मेरी यह इच्छा है कि वित्त मंत्री के तौर पर मैं कैग के साथ मिल कर काम करूं ताकि कैग और सरकार के एक दूसरे के विरोधी होने की धारणा दूर की जा सके तथा सभी सरकारी संस्थानों में भरोसा और आपसी विश्वास बहाल हो.’

कैग विनोद राय ने भी इस अवसर पर वित्त मंत्री के सुर में सुर मिलाते हुये कहा लेखापरीक्षक न तो कोई दुश्मन हैं और न ही दोष ढूंढने वाला विशेषज्ञ, वह केवल सरकार को उसके कार्यों के बारे में ईमानदारी से संतुलित एवं वस्तुनिष्ट जानकारी देता है.

उल्लेखनीय है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और कोयला खान आवंटन पर कैग की लेखापरीक्षा रिपोर्ट को लेकर सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कैग पर हमला बोल दिया था. सरकार को बार- बार कैग को अपनी सीमाओं में रहने की हिदायत दी गई.

Advertisement

चिदंबरम ने कहा कि दुर्भाग्य से कैग की हाल की कुछ लेखा परीक्षा रिपोर्टों के बाद ऐसा आभास दिया गया कि लेखापरीक्षक संस्था और सरकार एक दूसरे के खिलाफ हो गए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि कैग ने कामकाज के बेहतर संचालन के मुद्दे को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और सरकार संचालन में खामी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है.

उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि सरकार नीति निर्माण प्रक्रिया में कई बार ‘भूल और सुधार’ की रणनीति अपनाती है क्योंकि कई बार उसके पास पूरी सूचना नहीं होती और परिवेश भी अनिश्चित होता है.

विनोद राय ने कहा, ‘लेखापरीक्षक कोई बैरी नहीं हैं और न ही यह मात्र दोष निकालने वाली व्यवस्था है. हम अपने आप को भय और पक्षपात से मुक्त होकर सरकार को वस्तुनिष्ठ और संतुलित सुझाव देने वाला संगठन मानते हैं.’

राय ने कहा, ‘हम एक क्षण के लिये भी यह नहीं सोचते हैं कि हमारा यह काम है कि हम सरकार को यह कहें कि सरकार को क्या करना चाहिये और क्या नहीं करना चाहिये. हम अपनी लेखापरीक्षा रिपोर्ट के जरिये सरकार को यह बताते हैं कि सरकारी विभागों ने जो लक्ष्य रखे थे, क्या वे लक्ष्य हासिल किए जा सके.'

Advertisement

कैग ने कहा, 'सरकारी लेखापरीक्षा के जो भी मानदंड तय हैं कैग उन्हीं का अनुसरण करता है. ये मानदंड कैग ने नहीं बल्कि खुद सरकार ने तय किये हैं. यदि सरकार कोई नीति बनाती है तो हम देखते हैं कि क्या उसे अमल में लाया गया है. सरकार नियम बनाती है, हम देखते हैं कि नियमों का पालन हुआ है.’

Advertisement
Advertisement