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भाजपा आलाकमान के निर्णय का पालन करूंगाः येदियुरप्पा

अड़ियल रुख अपनाने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि वह भाजपा आलाकमान के निर्णय का पालन करेंगे.

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अड़ियल रुख अपनाने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि वह भाजपा आलाकमान के निर्णय का पालन करेंगे.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे बारे में हमारे राष्ट्रीय नेता जो भी निर्णय करेंगे, मैं उस आदेश का पालन करूंगा.’ उन्होंने कहा, ‘आज मैं सभी राष्ट्रीय नेताओं से मिलूंगा और मैं उन्हें कर्नाटक की स्थिति से अवगत कराऊंगा. हम एक महीने के भीतर जिला पंचायत चुनाव का सामना करने वाले हैं.’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह पद छोड़ेंगे, येदियुरप्पा ने कहा, ‘मैंने कोई गलती नहीं की है. मैं केंद्रीय नेताओं से भेंट करूंगा. वे जो कुछ भी कहेंगे, मैं उसका पालन करूंगा. अभी तक किसी ने भी मुझसे इस्तीफा देने को नहीं कहा है.’

येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली के साथ कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति के बारे में चर्चा की है और वह अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात करेंगे. कर्नाटक के मुख्यमंत्री की भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से भी मिलने की संभावना है.

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उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें इस्तीफा नहीं देने को कहा है और उन्होंने कथित भूमि घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी पटमराज से कराने का आदेश दिया है.

प्रदेश के 110-120 विधायकों के समर्थन का दावा करने वाले येदियुरप्पा ने कहा कि उन्हें सभी समुदाय के लोगों का समर्थन प्राप्त है.{mospagebreak}

समझा जाता है कि लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह जैसे पार्टी के शीर्ष नेताओं का भी मानना है कि मुख्यमंत्री का बना रहना संभव नहीं है और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.

खबरों के अनुसार, येदियुरप्पा ने पार्टी नेतृत्व को बताया है कि उनके हटने से दक्षिण भारत में भाजपा की पहली सरकार को नुकसान पहुंचेगा, जिसे बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

येदियुरप्पा ने इससे पहले प्रदेश के गृह मंत्री एवं वोक्कालिगा नेता आर अशोक, शिक्षा मंत्री वी एस आचार्य समेत अपने विश्वासपात्र नेताओं को पार्टी आलाकमान को नेतृत्व परिवर्तन नहीं करने के बारे में समझाने के लिए लगाया था.

यह पूछे जाने पर कि लिंगायत समुदाय से होने के कारण क्या वह केंद्रीय नेतृत्व को ब्लैकमेल कर रहे हैं, येदियुरप्पा ने कहा, ‘सभी समुदाय के लोग मेरा समर्थन कर रहे हैं क्योंकि सदन में हमारे 110 सदस्य हैं. इस तरह की साम्प्रदायिक भावना मेरे दिमाग में नहीं है.’

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यह पूछे जाने पर कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें इस्तीफा देने को कहता है तो वह क्या करेंगे, उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे प्रश्नों के उत्तर नहीं देता क्योंकि किसी ने मुझसे ऐसा नहीं कहा है.’

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