scorecardresearch
 

जनसंख्या विस्फोट: वर्ष 2050 तक चीन को पीछे छोड़ देगा भारत

जनंसख्या विस्फोट की कगार पर पहुंच चुकी भारत की जनसंख्या पिछले 100 वर्षों में पांच गुना बढ़ी है और वर्ष 2050 तक वह चीन को भी पीछे छोड़ देगी.

Advertisement
X

Advertisement

जनंसख्या विस्फोट की कगार पर पहुंच चुकी भारत की जनसंख्या पिछले 100 वर्षों में पांच गुना बढ़ी है और वर्ष 2050 तक वह चीन को भी पीछे छोड़ देगी.

सरकारी अनुमानों के मुताबिक पिछले पांच साल से भारत की जनसंख्या दर करीब 1.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. जबकि चीन में इसी अवधि के दौरान जनसंख्या वृद्धि दर 0.6 प्रतिशत रही.

वर्ष 2009 में भारत की कुल जनसंख्या करीब 119.8 करोड, चीन की 134.5 करोड़ तथा पाकिस्तान की 18 करोड़ रही. जबकि वर्ष 2050 तक भारत की जनसंख्या 161.38 करोड़ और चीन की केवल 141.7 करोड़ रहेगी. इस तरह भारत जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा.

इस संबंध में मजेदार बात यह है कि भारतीय उपमहाद्वीप में पाकिस्तान की जनसंख्या दर पिछले पांच वषरे में सबसे अधिक 2.2 प्रतिशत दर से बढ़ी. वर्ष 2026 तक भारत की जनसंख्या पर 37.1 करोड़ लोगों का अतिरिक्त भार बढ़ जायेगा.

Advertisement

इस जनसंख्या में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 22 प्रतिशत, बिहार का आठ, उत्तराखंड एक प्रतिशत, और चार दक्षिण भारतीय राज्यों में 13 प्रतिशत तथा मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में प्रत्येक का सात सात फीसद हिस्सा रहेगा.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ‘जनसंख्या स्थिरता कोष’ रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत में इसी रफ्तार से जनसंख्या वृद्धि जारी रही तो अगले 50 वर्षों में जनसंख्या दोगुनी हो जायेगी. इस रिपोर्ट में एक और मजेदार बात कही गई है कि भारत में कई ऐसे राज्य होंगे जिनकी अकेली जनसंख्या कई अन्य देशों की कुल जनसंख्या के बराबर होगी.

उदाहरण के लिये उत्तर प्रदेश में जनसंख्या 18.3 करोड़ है जो ब्राजील की कुल जनसंख्या 18.7 करोड़ के काफी नजदीक है. इसी तरह महाराष्ट्र के 10.4 करोड़ की जनसंख्या मैक्सिको की 10.4 करोड़ की जनसंख्या के बराबर है. बिहार जनसंख्या के मामले में (नौ करोड़) जर्मनी (8.3) से भी आगे है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में परिवार नियोजन के क्षेत्र में चंडीगढ़ में सबसे ज्यादा 74 प्रतिशत जबकि झारखंड में 68 प्रतिशत के आंकड़े तक पहुंचे हैं.

Advertisement
Advertisement