संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने ‘कैग की विद्वता, मीडिया और न्यायालय को’ राजनीतिक लाचारी के लिए जिम्मेदार ठहराया और जोर देकर कहा कि सरकार फैसले लेना जारी रखेगी.
सिब्बल ने इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यह संकट तीन कारणों के चलते पैदा हुआ है. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग)की विद्वता, मीडिया और न्यायालय. इन तीनों संस्थानों के बीच सहजीवी संबंध है जिसके परिणामस्वरूप एक ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जिसमें हम रोजाना आधार पर निपटना मुश्किल पाते हैं. इस सरकार को फैसले लेने दीजिए.’
वैश्विक रेटिंग एजेंसियों की चेतावनी के बीच आर्थिक मामलों पर इंफोसिस के एनआर नारायणमूर्ति और विप्रो के अजीज प्रेमजी जैसे लोगों द्वारा सरकार की आलोचना किए जाने के मद्देनजर सरकार पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक लाचारी की धारणा का सामना कर रही है.
उन्होंने कहा, ‘संकट कहां है. मुझे लगता है कि यदि कोई संकट है तो ऐसा इसलिए कि संसद नहीं चल रही. क्या सरकार इसके लिए जिम्मेदार है. आंशिक रूप से वह जिम्मेदार हो सकती है लेकिन उन लोगों की समान जिम्मेदारी बनती है जो दूसरी ओर बैठे हैं क्योंकि संसद चर्चा का मंच है.’ उन्होंने कहा कि यदि विधेयक पारित नहीं हो सकता है तब यह धारणा बनती है कि लाचारी है. लेकिन इसका स्रोत सरकार नहीं है.
सिब्बल ने कहा कि यह लाचारी 2010 में सरकार के चलते शुरू नहीं हुई बल्कि न्यायालय के फैसले के चलते हुई.122 लाइसेंस रद्द कर दिये गए. जिस वक्त यह हुआ उस वक्त हमने चीजों को सही करना शुरू कर दिया.’
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पेक्ट्रम क्षेत्र में तीव्र और दृढ़ फैसला किया.