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बीजेपी, कांग्रेस ने केजरीवाल पर साधा निशाना

अरविंद केजरीवाल पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों ने निशाना साधा. विपक्षी दल ने जहां उनके गैर सरकारी संगठन पर विदेशों से संदिग्ध कोष प्राप्त होने का आरोप लगाया, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी ने केजरीवाल और उनकी टीम को कांग्रेस विरोधी ताकतों का मुखौटा बताया.

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अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों ने निशाना साधा. विपक्षी दल ने जहां उनके गैर सरकारी संगठन पर विदेशों से संदिग्ध कोष प्राप्त होने का आरोप लगाया, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी ने केजरीवाल और उनकी टीम को कांग्रेस विरोधी ताकतों का मुखौटा बताया.

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बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ केजरीवाल के आरोपों से आहत पार्टी ने कहा है कि वह (केजरीवाल) उन लोगों के इशारे पर काम कर रहे हैं जो उन्हें विदेश से धन मुहैया कर रहे हैं. हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता ने इस आरोप को खारिज कर दिया.

कांग्रेस के मुखपत्र ‘कांग्रेस संदेश’ के ताजा अंक के संपादकीय में और बीजेपी के मुखपत्र ‘कमल संदेश’ के ताजा अंक में भी केजरीवाल पर हमले किए गए हैं.

‘कमल संदेश’ में कहा गया है कि केजरीवाल ने विदेशी स्रोतों से ‘सुपारी’ ली है. पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार से इस मामले की जांच कराये जाने की मांग की है.

इसमें कहा गया है कि, ‘अन्ना आंदोलन को विनष्ट करने के बाद और अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर होने के बाद टीम केजरीवाल लोकतंत्र के बारे में संदेह पैदा करने की साजिश में शामिल हो गई है और ऐसा करके वे निश्चित तौर पर उन लोगों के हाथों में खेल रहे हैं जिनका भारत या ‘भारत माता’ से कोई लगाव नहीं है.’

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केजरीवाल ने हाल ही में गडकरी के पूर्ति ग्रूप पर किसानों की जमीन को सस्ते दामों पर सरकार से खरीदने और विदर्भ में सिंचाई के लिए बनाये गए बांध के पानी को अपनी चीनी मिल में मोड़ने का आरोप लगाया था.

कमल संदेश में कहा गया है, ‘केजरीवाल का मुख्य खेल वित्त पोषण से जुड़ा हुआ है. इस बात का पता चलना चाहिए कि क्या यह धन भारत का है या ऐसी ताकतों का, जो देश को कमजोर बनाना चाहती हैं.’ इसमें कहा गया है, ‘जो अन्ना के प्रति वफादार नहीं रह सकता, वह राष्ट्र के प्रति वफादार कैसे रहेगा. वे विदेशी वित्तपोषण के सहारे लोकतंत्र में सुराख बनाने की कोशिश कर रहे हैं और शायद इस बात को भूल गए है कि लोकतंत्र इस देश की आत्मा है.’

बहरहाल, केजरीवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी को पिछले 10 वर्ष के वित्त पोषण के बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि दूसरों की कमियों को उजागर करने के क्रम में केजरीवाल ने गडकरी के शब्दों को तोड़मरोड़ कर पेश किया ताकि सम्मान अर्जित कर सकें.

वहीं, ‘कांग्रेस संदेश’ में केजरीवाल का नाम लिए बगैर उनके और उनकी टीम के खिलाफ जबरदस्त हमला करते हुए उन पर संकट पैदा करने वाला और कांग्रेस विरोधी ताकतों का मुखौटा होने का आरोप लगाया गया है.

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कांग्रेस मुखपत्र में बीजेपी पर सत्तारूढ़ पार्टी की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया गया है.

गौरतलब है कि अगले महीने नयी पार्टी गठित करने की योजना बना रहे केजरीवाल ने डीएलएफ के साथ भूमि के सौदे के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वड्रा को निशाना बनाया था.

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