आरटीआई कार्यकर्ता एवं इंडिया अगेंस्ट करप्शन की मध्यप्रदेश ईकाई की प्रमुख कार्यकर्ता शहला मसूद की हत्या की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से सिफारिश करने का निर्णय लिया है.
एक आला सरकारी अधिकारी ने बताया कि केन्द्र सरकार से शहला मसूद की हत्या की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश करने का निर्णय राज्य सरकार ने किया है.
उल्लेखनीय है कि शहला की गत 16 अगस्त की सुबह उनके निवास के बाहर उस समय अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वे अन्ना हजारे के आंदोलन में शामिल होने के लिए यहां ‘बोट क्लब’ जाने के उद्देश्य से कार की ड्रायविंग सीट पर बैठ रही थीं. उस दौरान किसी ने गोली चलने की आवाज तक नहीं सुनी और न ही किसी ने हमलावरों को देखा.
इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में उन लोगों का हाथ हो सकता है, जिनके बारे में वह सूचना के अधिकार के तहत सरकार से जानकारी ले रही थीं. कुछ स्थानीय अखबारों ने इस मामले में अपराध विज्ञान विशेषज्ञों के हवाले से आत्महत्या की आशंका भी जाहिर की थी, जिस वजह से राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह ‘राहुल’ एवं खुद शहला के पिता सुल्तान मसूद ने राज्य सरकार से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी.