सीबीआई ने सितंबर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के गवाह दिलीप पाटीदार पर नकद इनाम की रकम को दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है.
सूत्रों ने बताया कि पाटीदार तीन साल से रहस्यमय तौर पर लापता है और भरसक कोशिशों के बावजूद उसके बारे में फिलहाल कोई ठोस सुराग हासिल नहीं किया जा सका है. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के आदेश पर सीबीआई इस 35 वर्षीय शख्स के गायब होने के मामले की जांच कर रही है.
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जनवरी में घोषणा की थी कि पाटीदार को ढूंढने के लिये भरोसेमंद सूचना देने वाले को दो लाख रुपये का नकद इनाम दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि लापता व्यक्ति का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद इस रकम को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक पाटीदार मूलत: मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले का रहने वाला है. वह मालेगांव विस्फोट और समझौता एक्सप्रेस धमाकों समेत अलग-अलग आतंकी वारदातों में वांछित आरोपी रामचंद्र कलसांगरा उर्फ रामजी का इंदौर में किरायेदार रह चुका है.
पाटीदार के परिवारवालों का कहना है कि महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते :एटीएस: का दल उसे मालेगांव विस्फोट मामले में कथित तौर पर बयान दर्ज कराने के लिये 18 नवंबर 2008 को इंदौर से मुंबई ले गया था. लेकिन इसके बाद से वह घर नहीं लौटा और उसका अब तक कोई अता-पता नहीं है.
पाटीदार के भाई रामस्वरूप ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में पिछले साल इस मामले की सीबीआई जांच की अर्जी दायर की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था.